Lucknow Flats: राजधानी लखनऊ में गरीब परिवारों को आवंटित किए गए 72 फ्लैटों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। करीब आठ महीने पहले जिन लाभार्थियों को सरकारी योजना के तहत आवास दिए गए थे, अब सिंचाई विभाग ने उन्हें अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद आवंटियों में चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है।
सरकारी योजना के तहत हुए थे फ्लैट आवंटित
ये फ्लैट लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा सरदार पटेल आवासीय योजना के अंतर्गत तैयार किए गए थे। डालीबाग क्षेत्र में स्थित इस परियोजना का निर्माण उस भूमि पर किया गया था, जिसे पहले प्रशासन ने माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराया था। यहां तीन आवासीय ब्लॉक बनाए गए, जिनमें कुल 72 फ्लैट पात्र आवेदकों को लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए गए थे। नवंबर 2025 में लाभार्थियों को इन फ्लैटों की चाबियां सौंपी गई थीं।
Lucknow Flats: सिंचाई विभाग ने चस्पा किया नोटिस
गुरुवार को सिंचाई विभाग ने एक फ्लैट की दीवार पर नोटिस चस्पा कर दावा किया कि यह निर्माण विभाग की भूमि पर अवैध रूप से किया गया है। नोटिस में सात दिनों के भीतर कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के बाद यदि कार्रवाई के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित कब्जाधारकों की होगी। साथ ही हर्जाना और अन्य खर्च भी वसूले जा सकते हैं।
कार्रवाई से मचा हड़कंप, लोगों ने किया विरोध
नोटिस लगाने के बाद सिंचाई विभाग की टीम पुलिस बल और मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। विभाग ने आसपास के कुछ मकानों और झोपड़ियों पर भी नोटिस लगाए तथा कार्रवाई शुरू की। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके चलते अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि कुछ निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। अब इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है, जबकि आवंटित फ्लैटों में रहने वाले परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
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