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UAE बना वैश्विक बिजनेस का नया हब, गूगल-माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों का बढ़ा निवेश

UAE : दुबई और अबू धाबी अब सिर्फ पर्यटन और तेल उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक कारोबार के सबसे बड़े केंद्रों में भी गिने जाने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों ने UAE में अपने क्षेत्रीय मुख्यालय या बड़े ऑफिस स्थापित किए हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, ओरेकल, जेपी मॉर्गन और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां यहां अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं। कम टैक्स, कारोबार के लिए आसान नियम, बेहतरीन सड़क और परिवहन व्यवस्था, विश्वस्तरीय एयरपोर्ट और बंदरगाहों का नेटवर्क तथा एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच इसकी रणनीतिक स्थिति।

UAE सरकार भी विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां ला रही है। यही कारण है कि दुनिया भर के उद्योगपतियों के लिए यह देश तेजी से पहली पसंद बनता जा रहा है और वैश्विक बिजनेस का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।

UAE बना वैश्विक बिजनेस का नया हब

UAE में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है और यहां करीब 43 लाख भारतीय रहते हैं। भारतीय कारोबारी भी वहां की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। जून 2025 तक UAE में 2.64 लाख से अधिक भारतीय कंपनियां पंजीकृत थीं, जबकि सिर्फ 2025 की पहली छमाही में ही 22 हजार से ज्यादा नई भारतीय कंपनियों ने वहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 85 अरब डॉलर के करीब पहुंच चुका है।

रिलायंस, टाटा समूह, अदाणी समूह, लुलु ग्रुप और कई भारतीय स्टार्टअप्स भी UAE में अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, रिटेल, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भारतीय निवेश तेजी से बढ़ रहा है। फ्री जोन की सुविधा, 100 प्रतिशत विदेशी स्वामित्व की अनुमति, कम कॉर्पोरेट टैक्स और कारोबार शुरू करने की आसान प्रक्रिया भारतीय कंपनियों को UAE की ओर आकर्षित कर रही है।

बढ़ रही पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में UAE की आर्थिक ताकत और भी बढ़ सकती है। देश अब तेल आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा और इनोवेशन पर विशेष ध्यान दे रहा है। सरकार की ‘वी द UAE 2031’ और ‘दुबई इकोनॉमिक एजेंडा D33’ जैसी योजनाओं का लक्ष्य देश को दुनिया की शीर्ष आर्थिक शक्तियों में शामिल करना है। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और कई देशों में सख्त कारोबारी नियमों के बीच UAE स्थिरता, सुरक्षा और तेज फैसलों के कारण निवेशकों का भरोसा जीत रहा है।

दुनिया के अरबपति, निवेश फंड और बहुराष्ट्रीय कंपनियां UAE को सिर्फ एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक आर्थिक हब के रूप में देख रही हैं। आने वाले वर्षों में यह देश दुनिया के सबसे प्रभावशाली कारोबारी ठिकानों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।

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Written By : Mahi