Vaibhav Suryavanshi Biography: भारतीय क्रिकेट जगत के उभरते हुए खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम समय में यह मुकाम हासिल किया है। उनकी कामयाबी ने यह साबित कर दिया कि अगर आपके अंदर जज़्बा, लगन और मेहनत करने की ईमानदारी है, तो जीवन में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, आप एक न एक दिन अपने लक्ष्य को जरूर हासिल कर सकते हैं। वैभव की यह सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। लेकिन इस सफलता के पीछे सिर्फ वैभव का ही संघर्ष नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता का त्याग और समर्पण भी शामिल है।
Vaibhav Suryavanshi Biography: पिता ने घर के पास बनवाया क्रिकेट नेट-
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने ठान लिया था कि वह अपने बेटे को क्रिकेटर बनाकर ही रहेंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने घर के पास ही क्रिकेट नेट तैयार कराया। उन्होंने कंक्रीट पिच के साथ टर्फ विकेट भी बनवाया, ताकि वैभव मैच जैसी परिस्थितियों में अभ्यास कर सकें। वैभव के पास ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उनके अंदर जज़्बा कूट-कूटकर भरा था। इसी मैदान पर घंटों पसीना बहाकर उन्होंने अपने खेल को निखारा।
Vaibhav Suryavanshi Biography: पिता ने बेची पुश्तैनी जमीन-
वैभव को क्रिकेटर बनाने के लिए उनके पिता ने कड़ी मेहनत की। उन्होंने कुछ समय तक नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी भी की। बाद में वह पारिवारिक ज्वेलरी की दुकान संभालने लगे। इतना ही नहीं, बेटे के प्रशिक्षण, क्रिकेट किट और यात्रा का खर्च उठाने के लिए उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन का एक हिस्सा तक बेच दिया।
मां का त्याग बना सफलता की नींव-
वैभव की सफलता के पीछे उनकी मां का भी बड़ा योगदान रहा। वह रोज सुबह करीब तीन बजे उठ जाती थीं, ताकि बेटे के अभ्यास पर जाने से पहले उसके लिए खाना तैयार कर सकें। बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी नींद तक की परवाह नहीं की।
यह भी पढ़े- कंपनियों का डेटा चुराया, युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगा, साइबर गिरोह का भंडाफोड़








