UP POLITICS: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने तथा विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग करते हुए इसे सरकार पर “कभी न मिटने वाला कलंक” बताया।
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्षों से निकली पार्टी है। उन्होंने दावा किया कि आपातकाल के दौरान वह स्वयं 20 महीने जेल में रहे और आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी है। उनके मुताबिक, वर्तमान समय में ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है।
एनसीईआरटी में आपातकाल पढ़ाने का किया समर्थन
एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल से जुड़े अध्याय शामिल किए जाने पर उन्होंने कहा कि छात्रों को उस दौर के अन्याय और लोकतांत्रिक संघर्ष की जानकारी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नई तकनीक और एआई आधारित शिक्षा को भी आवश्यक बताया।
UP POLITICS: ईडी की कार्रवाई और भ्रष्टाचार पर सवाल
दिल्ली के कथित दवा खरीद घोटाले में ईडी की जांच पर उन्होंने कहा कि एजेंसी को बड़े घोटालों का पूरी पारदर्शिता से खुलासा करना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
मोहन यादव और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर हमला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए मेहरोत्रा ने भाजपा सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
UP POLITICS: टीएमसी और शिवसेना पर भी बोले
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने के प्रयासों का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों को कमजोर करना चाहती है। वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना से जुड़े घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि दल बदलने वाले सांसदों को पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग
बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि यदि आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसकी मौत की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
UP POLITICS: पीडीए और आजम खान पर भी टिप्पणी
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से खड़ा है और भाजपा को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। आजम खान पर जारी कार्रवाई को उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि वे डरने या झुकने वाले नेता नहीं हैं।
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