Ram mandir: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस केस में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को अदालत में पेश किया। ज्यूडिशियल रिमांड नोट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों के खिलाफ चोरी के पर्याप्त सबूत मिले हैं।
जेब में भरकर ले जाते थे नकदी और जेवर
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और जेवर अपने पास रखते हुए दिखाई दिए हैं। आरोप है कि टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा और रमा शंकर मिश्र गिनती पूरी होने के बाद कैश और ज्वेलरी जेब में रखकर बाहर ले जाते थे।
Ram mandir: अब तक 79.84 लाख रुपये बरामद
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि 7 आरोपियों की निशानदेही पर अब तक करीब 79.84 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से अभी तक कोई बरामदगी नहीं हुई है।
Ram mandir: टिन्नू यादव के पास थीं अहम चाबियां
पुलिस के अनुसार, टिन्नू यादव के पास कैश काउंटर, दान पात्र और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां रहती थीं। वहीं, अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने में गड़बड़ी करने और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस ने लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
40 दिनों में 70 बार गबन की आशंका
एसआईटी की जांच में सामने आया कि 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 बार चोरी या गबन जैसी गतिविधियां दिखाई दीं। जांच में यह भी पता चला कि कई कर्मचारियों की नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई थी और ड्यूटी खत्म होने के बाद उनकी तलाशी तक नहीं ली जाती थी।
जांच में मिलीं कई बड़ी खामियां
Ram mandir: एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच में चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज और आंतरिक निगरानी प्रणाली में कई गंभीर खामियां बताई हैं। फिलहाल अदालत ने सभी 8 आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यदि पुलिस को आगे पूछताछ के लिए रिमांड की जरूरत होगी तो सोमवार को नियमित अदालत में रिमांड की अर्जी दाखिल की जा सकती है।
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