WhatsApp-Telegram Action: देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम और साइबर अपराधों के खतरे के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा संदेश दिया है। सरकार ने साफ किया है कि साइबर सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि व्हाट्सएप, टेलीग्राम या किसी अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के फीचर्स का गलत इस्तेमाल होकर धोखाधड़ी बढ़ती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
WhatsApp-Telegram Action: डिजिटल सेवाओं के साथ बढ़ा साइबर खतरा-
सरकारी सेवाएं, प्रतियोगी परीक्षाएं और जनकल्याणकारी योजनाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। इससे कामकाज आसान और पारदर्शी हुआ है, लेकिन साइबर अपराध का जोखिम भी बढ़ा है। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी डिजिटल सिस्टम हमेशा के लिए 100 फीसदी सुरक्षित नहीं हो सकता, इसलिए शुरुआत से ही मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
WhatsApp-Telegram Action: टेलीग्राम पर हुई कार्रवाई का दिया उदाहरण-
सरकारी अधिकारियों ने NEET-UG दोबारा परीक्षा के दौरान टेलीग्राम पर की गई कार्रवाई का हवाला दिया। परीक्षा के समय पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए सरकार ने कुछ समय के लिए टेलीग्राम पर पाबंदियां लगाई थीं और उसके ‘मैसेज एडिट’ फीचर को भी बंद कराया था।
WhatsApp-Telegram Action: WhatsApp के नए फीचर पर भी सरकार की नजर-
WhatsApp के प्रस्तावित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर पूछे गए सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी नए फीचर के कारण फ्रॉड या फर्जी पहचान बनाने जैसी घटनाएं बढ़ती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि यूजरनेम, एडिट मैसेज या फर्जी ग्रुप जैसे फीचर्स का दुरुपयोग होने पर टेलीग्राम की तरह कार्रवाई की जा सकती है।
व्हाट्सएप ने दी अपनी सफाई-
व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि नया यूजरनेम फीचर यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, किसी का यूजरनेम बार-बार गेस नहीं किया जा सकेगा और सरकारी संस्थानों, मशहूर हस्तियों तथा वीआईपी नामों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो।
दावों नहीं, नतीजों के आधार पर होगा फैसला-
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि कंपनियों के दावों से ज्यादा महत्व जमीनी नतीजों को दिया जाएगा। यदि किसी फीचर के कारण साइबर धोखाधड़ी बढ़ती है तो सरकार आवश्यक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
कमजोर पासवर्ड सबसे बड़ा जोखिम-
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों ने बताया कि साइबर सुरक्षा के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ लोगों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है। कमजोर पासवर्ड, डिवाइस इस्तेमाल में लापरवाही और ढीली सुरक्षा व्यवस्था आज सबसे बड़ा साइबर जोखिम हैं।
हर पल सतर्क रहने की जरूरत-
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार कभी यह दावा नहीं करेगी कि देश 100 फीसदी साइबर सुरक्षित है। साइबर सुरक्षा एक लगातार चलने वाली लड़ाई है, जिसमें सरकार, कंपनियों और आम नागरिकों को हर समय सतर्क रहना होगा।
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