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Akhilesh Yadav Birthday: आखिर क्यों टेढ़ी है अखिलेश यादव की नाक? जानिए फुटबॉल के मैदान से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

Akhilesh Yadav Birthday: आखिर क्यों टेढ़ी है अखिलेश यादव की नाक? जानिए फुटबॉल के मैदान से जुड़ा दिलचस्प किस्सा

Akhilesh Yadav Birthday: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज 1 जुलाई को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। राजनीति में अपनी शांत शैली और अलग पहचान रखने वाले अखिलेश यादव से जुड़े कई किस्से अक्सर चर्चा में रहते हैं। इन्हीं में से एक उनकी हल्की टेढ़ी नाक भी है, जिसे लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल उठते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके पीछे कोई राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि उनके कॉलेज के दिनों का एक खेल से जुड़ा हादसा है।

कॉलेज के दिनों में हुआ था हादसा

अखिलेश यादव को बचपन से ही खेलों, खासकर फुटबॉल का बेहद शौक रहा है। कॉलेज के दिनों में भी वह अक्सर फुटबॉल खेला करते थे। इसी दौरान एक मैच के दौरान गेंद तेज रफ्तार से सीधे उनके चेहरे पर आकर लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी नाक की हड्डी टूट गई और उन्हें तुरंत इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा।

Akhilesh Yadav Birthday: इलाज हुआ, लेकिन नहीं हो सकी सर्जरी

डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि चोट के कारण नाक की हड्डी फ्रैक्चर हो गई है। प्राथमिक उपचार के दौरान उनकी नाक पर टांके लगाए गए और जरूरी इलाज भी किया गया। हालांकि, उस समय किसी कारणवश उनकी प्लास्टिक सर्जरी नहीं हो सकी। यही वजह रही कि चोट के बाद उनकी नाक पहले जैसी नहीं हो पाई और उसमें हल्का टेढ़ापन हमेशा के लिए रह गया।

Akhilesh Yadav Birthday: आज भी दिखाई देती है उस चोट की निशानी

समय के साथ यह चोट पूरी तरह ठीक तो हो गई, लेकिन उसकी निशानी आज भी उनके चेहरे पर साफ नजर आती है। कई बार लोगों ने उनकी टेढ़ी नाक को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए, लेकिन इसकी असली वजह उनके छात्र जीवन का यह फुटबॉल हादसा है। यह घटना इस बात का भी प्रमाण है कि राजनीति में आने से पहले अखिलेश यादव खेलों में भी गहरी रुचि रखते थे और मैदान पर सक्रिय रहते थे।

राजनीति से पहले खेलों के थे शौकीन

अखिलेश यादव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की और विदेश में भी अध्ययन किया। हालांकि, खेलों के प्रति उनका लगाव हमेशा बना रहा। फुटबॉल उनका पसंदीदा खेल रहा है और कई मौकों पर उन्होंने खुद भी इस खेल के प्रति अपने प्रेम का जिक्र किया है। उनके चेहरे पर दिखाई देने वाला यह छोटा-सा निशान आज भी उनके जीवन के उसी दौर की याद दिलाता है, जब वह मैदान में पूरे जोश के साथ फुटबॉल खेला करते थे।

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