Rapido App: भारत के डिजिटल बाजार में Rapido ने बड़ी छलांग लगाई है। Sensor Tower की मार्च से मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Rapido के औसत मासिक एक्टिव यूजर्स 8.2 करोड़ पहुंच गए। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 67% ज्यादा है।इस ग्रोथ के साथ Rapido ने Uber, Ola, Swiggy, Zomato, Blinkit और Zepto जैसी बड़ी कंपनियों को MAU में पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट में Blinkit 7.9 करोड़, Swiggy 6.7 करोड़ और Zomato 6.3 करोड़ MAU के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे।
ट्रांजैक्शन में भी सबसे आगे
सिर्फ MAU ही नहीं, ट्रांजैक्शन में भी Rapido आगे है। जनवरी से मार्च 2026 में इसके 3.6 करोड़ मासिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स रहे। मार्च में कंपनी ने रोजाना 65 लाख राइड्स दर्ज कीं। तुलना में Uber पर 37 लाख और Ola पर 15 लाख राइड्स प्रतिदिन हुईं।Rapido की तेज ग्रोथ के पीछे इसका सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल है। Uber और Ola जहां हर राइड पर 20 से 30% कमीशन लेते हैं, वहीं Rapido ड्राइवरों से तय सदस्यता शुल्क लेती है। इसके बाद ड्राइवर पूरी कमाई अपने पास रखते हैं। इस मॉडल ने बड़ी संख्या में ड्राइवरों को जोड़ा और सेवा को सस्ता बनाया।

Rapido App: किफायती मॉडल से बढ़ा यूजर बेस
2015 में बाइक टैक्सी से शुरू हुई Rapido अब मल्टी-सर्विस प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कंपनी ने कैब, ई-रिक्शा, पार्सल डिलीवरी, फूड डिलीवरी, कार-पूलिंग और फाइनेंशियल सर्विस भी शुरू कीं। इसी विस्तार ने इसे भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर इंटरनेट प्लेटफॉर्म बना दिया।एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किफायती राइड और कम कमीशन वाला मॉडल Rapido की सबसे बड़ी ताकत बना। इसी वजह से टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी इसका यूजर बेस तेजी से बढ़ा है।
Written by- Mansi Sharma
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