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योगी के हनुमानगढ़ी में नमाज वाले बयान पर सियासत तेज! सपा का जवाब- “देश किसी एक धर्म का नहीं”

UP POLITICS: अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि देश किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों और आस्थाओं का है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

‘राम और हनुमान की आस्था का सम्मान नहीं किया’

सनातन पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को भगवान राम और भगवान हनुमान की आस्था पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनका आरोप था कि भाजपा का काम आस्था के नाम पर चंदा इकट्ठा करना और बाद में भ्रष्टाचार करना है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में भगवान हनुमान के आदर्शों का सम्मान करती, तो राजनीतिक कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकों का इस तरह उपयोग नहीं होने देती।

UP POLITICS: सनातन धर्म को बताया समरसता का प्रतीक

सपा सांसद ने कहा कि सनातन धर्म सदियों से सामाजिक समरसता और सह-अस्तित्व का संदेश देता आया है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाजवाद की भावना को समझते हैं, वे भी सनातन मूल्यों को मानने वाले हैं। उनके अनुसार ब्राह्मण समाज ने भी समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

क्या कहा था मुख्यमंत्री योगी ने?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि इन दलों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह बयान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में दिया।

UP POLITICS: राजनीतिक बयानबाजी तेज

मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर भाजपा इसे आस्था और सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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