PM MODI DEAL: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और पेटेंट प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्रेडिशनल नॉलेज डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) तक पहुंच उपलब्ध कराने संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
शिखर सम्मेलन में हुआ अहम समझौता
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार भारतीय वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और ऑस्ट्रेलिया के आईपी ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलियाई पेटेंट कार्यालय पेटेंट आवेदनों की जांच के दौरान टीकेडीएल डेटाबेस का उपयोग कर सकेगा। इससे पहले से उपलब्ध पारंपरिक ज्ञान पर गलत तरीके से पेटेंट दिए जाने की संभावना कम होगी।
PM MODI DEAL: पेटेंट जांच प्रक्रिया होगी अधिक प्रभावी
मंत्रालय ने बताया कि यह समझौता भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन के 18 प्रमुख परिणामों में शामिल है। इसके माध्यम से पेटेंट जांच प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। साथ ही भारतीय पारंपरिक ज्ञान की वैश्विक स्तर पर सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
टीकेडीएल क्या है?
ट्रेडिशनल नॉलेज डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) दुनिया का अपनी तरह का पहला प्रायर आर्ट डेटाबेस है। इसे भारत ने आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और योग जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े ज्ञान को संरक्षित करने तथा जैव-चोरी और अनुचित पेटेंट से बचाने के उद्देश्य से विकसित किया है।
PM MODI DEAL: 5.2 लाख से अधिक पारंपरिक औषधीय जानकारियां दर्ज
सीएसआईआर के अनुसार टीकेडीएल में 5.2 लाख से अधिक पारंपरिक औषधीय विधियों और उपचार संबंधी जानकारियां दर्ज हैं। इनका अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, जापानी और स्पेनिश सहित पांच अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है, ताकि दुनिया भर के पेटेंट परीक्षक इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।
पारंपरिक विरासत की सुरक्षा पर साझा प्रतिबद्धता
सरकार का कहना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के पास समृद्ध स्वदेशी ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत है। ऐसे में यह समझौता दोनों देशों की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण किया जाएगा और उसके दुरुपयोग को रोका जाएगा।
PM MODI DEAL: 18 देशों के पेटेंट कार्यालयों तक पहुंच
इस नए समझौते के साथ अब दुनिया के 18 पेटेंट कार्यालयों को गोपनीयता समझौते (एनडीए) के तहत टीकेडीएल डेटाबेस तक पहुंच मिल चुकी है। इससे वैश्विक स्तर पर भारतीय पारंपरिक ज्ञान की सुरक्षा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
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