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बारिश के बीच आस्था का सैलाब, पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़े लाखों श्रद्धालु

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Jagannath: ओडिशा के पुरी में महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आषाढ़ माह की लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की भक्ति को डिगा नहीं सकी। मूसलाधार बारिश के बीच लाखों भक्त बड़ दांड (ग्रैंड रोड) पर डटे रहे और महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए घंटों तक इंतजार करते रहे। बारिश, भक्ति और परंपरा का यह अनोखा संगम रथयात्रा को और भी दिव्य और भावपूर्ण बना रहा है।

बारिश के बावजूद नहीं डिगी श्रद्धालुओं की आस्था

रथयात्रा के दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कोई छाता लेकर खड़ा रहा तो कोई रेनकोट पहनकर दर्शन की प्रतीक्षा करता दिखाई दिया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु खुले आसमान के नीचे भीगते हुए भी महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए घंटों तक डटे रहे। श्रद्धालुओं की नजरें केवल अपने आराध्य के दर्शन पर टिकी रहीं और पूरा वातावरण भक्ति में डूबा नजर आया।

Jagannath: जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा बड़ा दांड

रथयात्रा के दौरान शंख, घंटे, झांझ, मृदंग और काहाली की गूंज ने पूरे पुरी को भक्तिमय बना दिया। चारों ओर ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष सुनाई देते रहे। बारिश की फुहारों के बीच श्रद्धालुओं की भावनाएं भी उमड़ पड़ीं। कई भक्त भावुक होकर भगवान के दर्शन करते नजर आए। प्रकृति और आस्था का यह दुर्लभ संगम हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

रथों पर विराजमान हुए महाप्रभु, शुरू होगी रथयात्रा

परंपरा के अनुसार महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर विराजमान हो चुके हैं। मंदिर की प्राचीन परंपराओं के तहत सभी धार्मिक अनुष्ठान और नीतियां पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी। लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद हैं। भक्तों का मानना है कि भगवान के दर्शन ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। वे धन या उपहार नहीं, बल्कि अपनी श्रद्धा, विश्वास और प्रार्थनाएं प्रभु के चरणों में समर्पित करने पहुंचे हैं। यही कारण है कि न बारिश उनकी भक्ति को रोक सकी और न ही भारी भीड़ उनके उत्साह को कम कर पाई।

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