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Police, CAPF, RAF और CRPF में क्या है फर्क? जानिए किस फोर्स को कब और क्यों किया जाता है तैनात

CJP Protest: देश में दंगे, हिंसक प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति बनने पर हालात के अनुसार अलग-अलग सुरक्षा बलों की तैनाती की जाती है। दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्य पुलिस, सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। हालांकि, किसी एक बल को हर परिस्थिति में “सबसे ताकतवर” कहना सही नहीं है, क्योंकि प्रत्येक बल का दायित्व अलग-अलग होता है।

राज्य पुलिस सबसे पहले संभालती है मोर्चा

किसी भी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य पुलिस की होती है। विरोध प्रदर्शन, स्थानीय विवाद, ट्रैफिक प्रबंधन और शुरुआती स्तर की भीड़ नियंत्रण की कार्रवाई सबसे पहले राज्य पुलिस करती है। आवश्यकता पड़ने पर लाठी, ढाल, आंसू गैस और अन्य स्वीकृत साधनों का उपयोग किया जाता है।

CJP Protest: क्या है CAPF?

सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) कोई एक बल नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले सात केंद्रीय सुरक्षा बलों का समूह है। इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स शामिल हैं। इनकी जिम्मेदारियों में सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियान और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा शामिल है।

CRPF कब आती है मैदान में?

सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) देश का सबसे बड़ा केंद्रीय पुलिस बल है। जब किसी स्थिति से निपटना राज्य पुलिस के लिए कठिन हो जाता है, तब सीआरपीएफ की तैनाती की जाती है। यह बल चुनाव ड्यूटी, बड़े दंगे, नक्सल विरोधी अभियान और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

CJP Protest: RAF की खास जिम्मेदारी

रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), सीआरपीएफ की विशेष दंगा-रोधी इकाई है। नीली वर्दी वाली यह फोर्स सांप्रदायिक तनाव, बड़े विरोध प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण जैसी परिस्थितियों से निपटने में विशेषज्ञ मानी जाती है। इसका उद्देश्य न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित करना होता है।

कौन-सी फोर्स सबसे ताकतवर?

यह पूरी तरह परिस्थिति पर निर्भर करता है। आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों में सीआरपीएफ की भूमिका अधिक व्यापक मानी जाती है, जबकि दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए आरएएफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। इसलिए किसी एक बल को हर स्थिति में सबसे ताकतवर कहना उचित नहीं होगा; हर फोर्स अपनी निर्धारित भूमिका में विशेषज्ञ है।

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