8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच एक बार फिर महंगाई भत्ते (Dearness Allowance-DA) को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग जोर पकड़ रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच केवल डीए बढ़ाने से राहत सीमित रहती है, जबकि इसे मूल वेतन में शामिल कर दिया जाए तो कर्मचारियों की कुल आय, भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे कई वित्तीय लाभों में बड़ा इजाफा हो सकता है।
क्या है DA और क्यों होता है जरूरी?
महंगाई भत्ता यानी डीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। यह कर्मचारी की बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है, जो महंगाई दर के अनुसार समय-समय पर बढ़ाया जाता है। इसका उद्देश्य रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों की भरपाई करना है ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।सरकार हर साल दो बार डीए में संशोधन करती है। पहला संशोधन जनवरी से जून की अवधि के लिए मार्च में और दूसरा जुलाई से दिसंबर की अवधि के लिए सितंबर या अक्टूबर में लागू किया जाता है। इसका निर्धारण ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर किया जाता है।
फिलहाल 60 फीसदी तक पहुंच चुका है DA
साल 2025 में केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया। इसी बढ़ते प्रतिशत को देखते हुए कर्मचारी संगठन अब चाहते हैं कि डीए का बड़ा हिस्सा बेसिक पे में समायोजित किया जाए, ताकि भविष्य में मिलने वाले सभी वित्तीय लाभों का आधार भी मजबूत हो सके।
बेसिक पे में DA मर्ज होने से क्या होगा असर?
यदि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों में डीए को बेसिक पे में शामिल किया जाता है, तो कर्मचारियों की मूल सैलरी बढ़ जाएगी। इसका सीधा फायदा हाथ में मिलने वाली सैलरी के साथ-साथ भविष्य निधि (PF) में भी देखने को मिलेगा। चूंकि पीएफ का योगदान बेसिक पे के आधार पर तय होता है, इसलिए कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान बढ़ेगा, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाला फंड पहले से कहीं अधिक हो सकता है।इसके अलावा ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ भी बढ़े हुए बेसिक पे के आधार पर तय होंगे। ऐसे में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय लाखों रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।
पेंशनर्स को भी मिलेगा सीधा फायदा
डीए मर्जर का असर केवल नौकरी कर रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो पेंशनभोगियों के लिए मिलने वाले महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) को भी मूल पेंशन में समायोजित किया जा सकता है। इससे उनकी मासिक पेंशन में स्थायी बढ़ोतरी होगी और भविष्य में मिलने वाली राहत का आधार भी मजबूत होगा।
आठवें वेतन आयोग से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद
फिलहाल आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया में है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि आयोग बढ़ती महंगाई और कर्मचारियों की वित्तीय जरूरतों को देखते हुए डीए को बेसिक पे में मर्ज करने पर सकारात्मक विचार करेगा। हालांकि, इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो इसका लाभ लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। इससे न केवल उनकी मासिक आय में बढ़ोतरी होगी, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ भी पहले की तुलना में काफी अधिक हो सकते हैं।








