Ground Report: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर… जहां आम दिनों में धरने-प्रदर्शन होते हैं, आज वहां का नज़ारा बिल्कुल अलग है। जिसको देखने के लिए जब ‘खबर इंडिया’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची तो माहौल हर मिनट बदलता नजर आया। चारों तरफ पोस्टर, बैनर, झंडे, मंच से लगातार भाषण और हजारों की भीड़ के बीच गूंजते नारे… ऐसा लग रहा था मानो पूरा जंतर-मंतर एक बड़े राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुका हो।
इस प्रदर्शन की अगुवाई कोकोकरोज जनता पार्टी कर रही है। जिनकी मुख्य मांग है कि NEET पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। लेकिन जैसे-जैसे हमारी टीम भीड़ के बीच पहुंची, वहां जो कुछ देखने को मिला उसने कई सवाल खड़े कर दिए।
ग्राउंड पर मौजूद कई लोग खुद को छात्र बता रहे थे, लेकिन मंच से सिर्फ पेपर लीक की बात नहीं हो रही थी। कई प्रदर्शनकारी खुलेआम मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कोई सरकार को शिक्षा व्यवस्था पर घेर रहा था तो कोई सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहा था। हर कुछ मिनट में नारे गूंजते और भीड़ उनका जवाब देती दिखाई दी।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आंदोलन सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नजर नहीं आया। भीड़ में ऐसे कई चेहरे भी दिखाई दिए जो अलग-अलग संगठनों के झंडे और बैनर लेकर पहुंचे थे। इससे यह सवाल भी उठने लगा कि क्या यह सिर्फ छात्रों का आंदोलन है या फिर इसे राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है? ‘खबर इंडिया‘ की टीम ने पूरे प्रदर्शन को बेहद करीब से देखा… भीड़ के बीच जाकर लोगों से बात की… मंच के सामने का माहौल देखा… और यह जानने की कोशिश की कि आखिर इस आंदोलन की असली तस्वीर क्या है।
ये भी पढ़े… पेपर लीक मामले में राहुल गांधी को क्यों घेर रही AAP पार्टी?








