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पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ मोदी कैबिनेट का बड़ा एक्शन-

NEET Paper Leak Bill:

NEET Paper Leak Bill: नीट पेपर लीक प्रदर्शन को देखते हुए कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स (PEM) एक्ट 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इस बिल को मंजूरी दे दी गई है।

NEET Paper Leak Bill: कब पास होगा बिल, क्या होंगे प्रावधान-

(Public Examination Prevention of Unfair Means) बिल कब जारी होगा, इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार सरकार अगले सप्ताह मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है। प्रावधानों की बात करें तो इस बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। बिल के अनुसार पेपर लीक मामलों में पाए जाने वाले दोषियों को 10 साल की सजा और 10 करोड़ का जुर्माना होगा।

NEET Paper Leak Bill: पीएम मोदी ने साझा किया 2.56 मिनट का वीडियो-

पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया है। पीएम मोदी ने करीब 2.56 मिनट का वीडियो (X) पर पोस्ट किया है।

ट्विटर वीडियो में मोदी ने क्या कहा-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह विषय लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक रोकने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं और उन्हें सख्त सजा दी जाएगी।”

आगे मोदी कहते हैं, “यह सरकार की जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा कराई गई, जिसका परिणाम (रिजल्ट) आप सभी को 19 जुलाई को मिल गया है।” वहीं, यह भी ऐलान किया गया था कि पेपर लीक रोकने के लिए अगले हफ्ते संसद में नया बिल पेश किया जाएगा।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में 3 महीने के भीतर होगा फैसला-

सरकार ने पेपर लीक के मामलों में सख्ती बढ़ाने की तैयारी कर ली है। पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इन अदालतों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केस का निपटारा तेजी से हो और तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए।

जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी-

NEET UG पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

सोनम वांगचुक का अनशन, CBI जांच जारी-

पेपर लीक मामले को लेकर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिनों तक अनशन पर रहे। इस मुद्दे को लेकर संसद में भी लगातार हंगामा हो रहा है। मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक अलग-अलग राज्यों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पेपर लीक पर क्या कहता है कानून-

देश में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इस कानून को 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू किया गया। अब सरकार इसे और सख्त बनाने के लिए संशोधन की तैयारी कर रही है।

कानून में क्या हैं सजा के प्रावधान-

इस कानून के तहत पेपर लीक करने पर 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। यदि किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है तो 5 से 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी दोषी साबित होने पर उस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत की वसूली और अगले चार साल तक परीक्षा कराने पर रोक लगाई जा सकती है।

गैर-जमानती होगा अपराध-

इस अधिनियम के तहत पेपर लीक का अपराध गैर-जमानती माना गया है और इसमें समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे मामलों की जांच केवल DSP रैंक या उससे वरिष्ठ अधिकारी ही करेंगे

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