Greater Noida Accident: ग्रेटर नोएडा में नोएडा विकास प्राधिकरण की कथित लापरवाही के कारण एक 6 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा कॉलोनी में बने एक गहरे गड्ढे में गिर गया, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। यह गड्ढा प्राधिकरण ने बोरिंग के काम के लिए खुदवाया था। इसकी गहराई करीब 8 से 10 फीट थी, लेकिन सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
क्रिकेट खेलते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम बच्चा अपनी कॉलोनी में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गया और अचानक फिसलकर उसमें गिर गया। उसके साथ खेल रहे बच्चों ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास के बाद बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं बच्चे के पिता
मृतक बच्चे का नाम अव्यान था। उसके पिता केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं। यह घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की कलाधाम सोसाइटी में हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही तीनों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
दोस्तों के साथ पार्क के पास खेल रहा था अव्यान
कलाधाम सोसाइटी के निवासी प्रांजल ने बताया कि सीवान यादव अपने परिवार के साथ सोसाइटी में रहते हैं और केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं। शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे उनका बेटा अव्यान अपने दोस्तों के साथ पार्क के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह पानी से भरे गड्ढे के करीब पहुंचा और पैर फिसलने से उसमें गिर गया।
बच्चों ने मचाया शोर, लोगों ने किया रेस्क्यू
प्रांजल ने बताया कि एक बच्चा दौड़ता हुआ उनके पास आया और कहा कि अव्यान डूब रहा है। पहले उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि सोसाइटी के अंदर कोई बच्चा कैसे डूब सकता है। इसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों को साथ लेकर गड्ढे तक पहुंचे। तीन लोग रस्सी की मदद से गड्ढे में उतरे और बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद परिवार को सूचना दी गई और बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा के एसडीएम आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए बच्चे के पानी में डूबने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बच्चे के परिजनों तथा वहां मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

पिता ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अव्यान के पिता का कहना है कि कई दिनों से प्राधिकरण ने गड्ढा खोदकर खुला छोड़ रखा था। वहां न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही बैरिकेडिंग की गई थी। हादसे के समय भी मौके पर किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। उनका कहना है कि अगर समय पर उचित सुरक्षा या मदद मिल जाती तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी और बच्चे के साथ ऐसा हादसा न हो।
ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई
नोएडा अथॉरिटी प्रोजेक्ट के जीएम एके सिंह ने कहा कि मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद ठेकेदार, सुपरवाइजर और टेक्निकल सुपरवाइजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार किसी भी गड्ढे की खुदाई के बाद उसके चारों ओर बैरिकेडिंग करना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।








