Trump Iran Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलहाल ईरान पर प्रस्तावित सबसे बड़े सैन्य हमले को रोक दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शीर्ष सैन्य अधिकारियों और कैबिनेट के साथ बैठक के बाद ट्रम्प ने सेना को नए बड़े हमले नहीं करने का निर्देश दिया। बताया गया कि अमेरिकी सेना के पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य एयर डिफेंस हथियारों का भंडार तेजी से घट रहा है।
Trump Iran Attack: मिसाइलों की कमी के चलते लिया गया फैसला-
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि अभियान और आगे बढ़ाया गया तो मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। बताया गया कि अप्रैल के अंत तक अमेरिका 1,200 से अधिक पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुका था।
Trump Iran Attack: ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई रोकने का दावा किया-
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा कि अमेरिका की ओर से दो रात तक कोई हमला नहीं होने के बाद ईरान ने भी खाड़ी देशों और अमेरिकी हितों पर अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई रोक दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की रणनीति हमेशा जवाबी कार्रवाई की रही है।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी रिफाइनरी पर किया हमला-
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के जजान स्थित अरामको रिफाइनरी पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। वहीं, ईरान ने दावा किया कि उसकी चेतावनी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे चार जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया।
नेतन्याहू ट्रम्प से करेंगे मुलाकात-
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। वह मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस बैठक को अहम माना जा रहा है।
होर्मुज और बाब-अल-मंदेब पर बढ़ी चिंता-
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब दोनों समुद्री मार्ग बाधित होते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी, पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
ईरान का नया परमाणु रुख चर्चा में-
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा खामेनेई परमाणु हथियारों के प्रति पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक रुख रखते हैं। हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही है।
ईरान-यूक्रेन तनाव भी बढ़ा-
कैस्पियन सागर में एक व्यापारिक जहाज पर कथित ड्रोन हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया कि उसने सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया था।
स्थिति पर दुनिया की नजर-
अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल बड़े हमले रुके हुए हैं, लेकिन मध्य पूर्व में तनाव बरकरार है। दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक प्रयासों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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