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लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाला बिल पेश, स्पीकर बोले- सुधार की दिशा में पहला कदम

लोकसभा में पेश हुआ पेपर लीक विरोधी बिल

Paper Leak Bill: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पेश किया। यह विधेयक देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।यह कदम नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए कई हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है।

विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पेश

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और हंगामे के बीच जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन में रखा। इस दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने मेज थपथपाकर बिल का समर्थन किया।बिल पेश होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विधेयक में संशोधन प्रस्ताव देने के लिए दोपहर 1 बजे तक का समय तय किया।

स्पीकर बोले- देश की मांगों पर होगी चर्चा

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर सदन के साथ-साथ देश की भावनाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने कहा, “यह महत्वपूर्ण विधेयक है। इससे सदन और देश की मंशाओं पर व्यापक चर्चा होगी। सभी दल के लोग इस विषय पर बहुत दिनों से मांग कर रहे थे। ये सुधार का प्रथम कदम है।”उन्होंने आगे कहा कि सदन में इस विधेयक पर चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्यों को अपने विचार रखने का मौका मिलना चाहिए। इससे देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक प्रभावी कदम उठाने का रास्ता तैयार होगा।

Paper Leak Bill:  लोकसभा में पेश हुआ पेपर लीक विरोधी बिल
लोकसभा में पेश हुआ पेपर लीक विरोधी बिल
विपक्ष से चर्चा में सहयोग की अपील

इस बीच विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा। स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।उन्होंने कहा, “सदन की जितनी सहमति होगी, उतना समय इस विधेयक पर चर्चा के लिए दिया जाएगा। मेरा आग्रह है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन का सहयोग करें और चर्चा करें।”

“आप लंबे समय से चर्चा की मांग कर रहे थे”

स्पीकर ने विपक्ष को याद दिलाते हुए कहा कि वे लंबे समय से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे थे और अब जब इस पर चर्चा का अवसर मिला है तो सदन में बहस होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि विधेयक के अलावा विपक्ष जो भी सुझाव देगा, सरकार उन पर विचार करने और उन्हें लागू करने का प्रयास करेगी।ओम बिरला ने कहा, “यही लोकतंत्र है, जहां सभी के मत और विचार सामने आएं। लोकतंत्र की इस प्रक्रिया में मैं सदन से अपेक्षा करता हूं कि नारेबाजी और तख्तियां दिखाने की जगह चर्चा करें।”

हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित

स्पीकर ओम बिरला के बार-बार आग्रह के बावजूद विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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