PARLIAMENT NEWS: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विवाद उस समय शुरू हुआ जब खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में आकर बयान देने की मांग की।
चर्चा की मांग पर शुरू हुआ विवाद
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है. हंगामे के चलते राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने आवाज उठाई कि विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए. खरगे ने कहा कि विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने देने की मांग भी की।
PARLIAMENT NEWS: रिजिजू बोले- विपक्ष तय नहीं कर सकता कौन मंत्री जवाब देगा
इस पर किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यह तय नहीं कर सकते कि सदन में कौन-सा मंत्री आकर जवाब देगा। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता केवल पीठासीन अधिकारी से आग्रह कर सकते हैं, लेकिन यह तय नहीं कर सकते कि कौन मंत्री सदन में आए।”
‘क्या बोलना है, यह मेरा अधिकार’
रिजिजू की टिप्पणी पर खरगे ने कड़ा जवाब देते हुए कहा, “क्या कहना है, कब कहना है और कैसे कहना है, यह मेरा अधिकार है। इसे कोई दूसरा तय नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कई नियमों का जिक्र किया, लेकिन नियम 238A का उल्लेख नहीं किया, जो संसद सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है।
PARLIAMENT NEWS: PM और गृह मंत्री से सदन में बयान की मांग
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने सदन में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का नाम लेकर उनका अपमान किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल जनहित के मुद्दे उठा रहा है और उसकी मांग है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इन सवालों का जवाब दें। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के चलते कुछ समय तक राज्यसभा का माहौल गरमाया रहा और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
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