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CJI के अपमान पर BCI का एक्शन, NALSAR 2026 बैच के ग्रेजुएट्स का एनरोलमेंट रोका

NALSAR 2026 Enrollment:

NALSAR 2026 Enrollment: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स के वकील के तौर पर एनरोलमेंट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। BCI ने सभी राज्य बार काउंसिलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

NALSAR 2026 Enrollment: CJI से जुड़े विवाद के बाद BCI का एक्शन-

BCI के अनुसार, NALSAR के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की भागीदारी के खिलाफ कथित तौर पर एक संगठित अभियान चलाया गया था। इसी मामले को लेकर बार काउंसिल ने कार्रवाई की है। BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। काउंसिल ने कहा कि उसने इस अभियान से जुड़ी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों और जानकारियों का संज्ञान लिया है।

NALSAR 2026 Enrollment: NALSAR से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट-

बार काउंसिल ने NALSAR यूनिवर्सिटी से पूरे मामले पर तथ्यों के आधार पर प्रमाणित रिपोर्ट मांगी है। यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर को यह रिपोर्ट निर्धारित समय में सौंपनी होगी। BCI 19 अगस्त को इस रिपोर्ट पर विचार करेगा।

अभियान में शामिल लोगों की मांगी जानकारी-

BCI ने NALSAR से उन लोगों की पहचान करने को कहा है, जिन्होंने कथित अभियान को शुरू करने, उसका ड्राफ्ट तैयार करने, उसे फैलाने, समन्वय करने या लोगों को एकजुट करने में भूमिका निभाई। इसके अलावा बैठकें आयोजित करने, मीडिया से बातचीत करने और सोशल मीडिया या अन्य संगठित समूहों के जरिए अभियान को आगे बढ़ाने वाले लोगों की जानकारी भी मांगी गई है।

छात्र संगठनों और फैकल्टी की भूमिका की होगी जांच-

बार काउंसिल ने यह भी पूछा है कि क्या इस अभियान में किसी स्टूडेंट बॉडी, स्टूडेंट बार काउंसिल, स्टूडेंट यूनियन या किसी अन्य मान्यता प्राप्त छात्र संगठन की भूमिका थी। इसके साथ ही BCI ने यह जानकारी भी मांगी है कि क्या किसी फैकल्टी मेंबर, रिसर्च स्कॉलर, पूर्व छात्र या बाहरी व्यक्ति ने अभियान को शुरू करने, ड्राफ्ट तैयार करने, सलाह देने, समन्वय करने या आगे बढ़ाने में हिस्सा लिया था।

19 अगस्त को रिपोर्ट पर होगा विचार-

NALSAR यूनिवर्सिटी को मामले से जुड़ी पूरी जानकारी और रिपोर्ट 19 अगस्त तक उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया रिपोर्ट पर विचार करेगी और आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है

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