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सपा-बसपा-कांग्रेस के खिलाफ केशव मौर्य का बड़ा हमला, बोले एक सांपनाथ तो दूसरा नागनाथ, जानिए किसे क्या कहा?

Up News: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को सांपनाथ-नागनाथ क्यों कहां?

Up News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तीनों दलों के लिए सांपनाथ, नागनाथ और कालिया नाग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। साथ ही दावा किया कि विपक्षी दल अगर एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं, तब भी भाजपा को हरा नहीं पाएंगे और अलग-अलग चुनाव लड़ने पर भी उनका यही हाल होगा।

सपा को बताया ‘सांपनाथ’

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी को “सांपनाथ” कहा। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में सपा की राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच संभावित तालमेल तथा विपक्षी एकजुटता को लेकर भी राजनीतिक चर्चा चल रही है। मौर्य ने अपने बयान के जरिए सपा की चुनावी रणनीति पर निशाना साधने की कोशिश की।

Up News: बसपा के लिए ‘नागनाथ’ शब्द

उपमुख्यमंत्री ने बहुजन समाज पार्टी को “नागनाथ” कहा। यानी उनके बयान में तीनों विपक्षी दलों को एक साथ निशाने पर लिया गया। बसपा की राजनीति उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अलग राजनीतिक आधार पर टिकी रही है। ऐसे में सपा और कांग्रेस के साथ उसके संभावित तालमेल की चर्चा के बीच मौर्य का यह बयान विपक्षी एकता के सवाल को और राजनीतिक बना देता है।

कांग्रेस को बताया ‘कालिया नाग’

कांग्रेस को लेकर मौर्य ने “कालिया नाग” शब्द का इस्तेमाल किया। उनका यह बयान विपक्षी दलों की एकजुटता पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। मौर्य ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों भाजपा विरोधी पार्टियां हैं। उनके मुताबिक इन दलों के बीच चुनावी तालमेल हो या अलग-अलग चुनावी रणनीति, भाजपा के सामने उनकी चुनौती प्रभावी नहीं होगी।

Up News: साथ लड़ेंगे तब भी हारेंगे, अलग लड़ेंगे तब भी

केशव मौर्य ने सबसे बड़ा दावा 2027 के चुनाव को लेकर किया। उन्होंने कहा कि अगर सपा, बसपा और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ती हैं, तब भी हारेंगी और अगर अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं, तब भी हारेंगी। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनने का दावा किया। यह बयान आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्ष के बीच संभावित मुकाबले को लेकर पार्टी के राजनीतिक संदेश को सामने रखता है।

INDIA गठबंधन की बैठक पर भी तंज

मौर्य का यह बयान विपक्षी दलों की प्रस्तावित बैठक के संदर्भ में आया। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की रणनीति पर चर्चा होनी है। इसी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर मौर्य ने विपक्षी दलों की बैठक पर सवाल उठाए और कहा कि उनके एक साथ बैठने या नहीं बैठने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता।

Up News: 2027 से पहले विपक्षी एकता बनाम BJP

यूपी की राजनीति में 2027 का विधानसभा चुनाव अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ विपक्षी दल चुनाव आयोग, मतदाता सूची और SIR जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेता विपक्षी एकता की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। केशव मौर्य का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी है। हालांकि चुनावी नतीजे भविष्य में मतदाताओं के फैसले से तय होंगे, लेकिन उनके बयान ने सपा, बसपा और कांग्रेस के बीच संभावित तालमेल को लेकर यूपी की सियासत में बहस जरूर तेज कर दी है।

 

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