Bengal News: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रे उर्फ अनंत महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कूचबिहार जिले की पुलिस ने यह कार्रवाई एक स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर की। मामला सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। इससे पहले राज्य सरकार नागेंद्र रे को दिया गया ‘बंगा विभूषण’ सम्मान वापस लेने और रद्द करने का फैसला कर चुकी है।
नेताजी को लेकर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
नागेंद्र रे पर आरोप है कि उन्होंने हाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी की कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने आजाद हिंद फौज के इस्तेमाल को लेकर भी नेताजी पर सवाल उठाए थे। इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया। नेताजी के योगदान और स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर दिए गए बयान पर कई लोगों ने आपत्ति जताई।
Bengal News: शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR
कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक मनीष जोशी के मुताबिक, कूचबिहार नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी ने 7 अगस्त को नागेंद्र रे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में नेताजी को लेकर सांसद की टिप्पणियों का उल्लेख किया गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
24 घंटे में दो बड़ी कार्रवाई
नागेंद्र रे के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम बंगाल सरकार ने एक दिन पहले ही उन्हें दिया गया ‘बंगा विभूषण’ सम्मान वापस लेने और रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार ने यह सम्मान उन्हें इसी साल फरवरी में प्रदान किया था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी कहा था कि नेताजी के खिलाफ अपमानजनक या अस्वीकार्य टिप्पणी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस राजनीतिक संबद्धता से परे जाकर कार्रवाई करेगी। इसके बाद लगातार दो कदम उठाए गए—पहले सम्मान वापस लिया गया और फिर एफआईआर दर्ज हुई।
Bengal News: नागेंद्र रे ने मांगी थी माफी
सम्मान वापस लेने के फैसले के बाद नागेंद्र रे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी किसी टिप्पणी से किसी को मानसिक ठेस पहुंची है तो वह नेताजी के प्रति पूरे सम्मान के साथ दिल से माफी मांगते हैं। हालांकि, माफी के बावजूद उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
ये भी पढ़ें…उन्नति से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, ऑनलाइन निगरानी से प्रशिक्षण की गुणवत्ता होगी बेहतर








