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योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पद से हटाए मेरठ SSP अविनाश पांडेय, जानें क्या है वजह?

मेरठ SSP अविनाश पांडेय हटाए गए

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय को पद से हटा दिया है। 2015 बैच के IPS अधिकारी अविनाश पांडेय को अब DGP मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। वहीं, झांसी के SSP रहे IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP नियुक्त किया गया है।

क्यों चर्चा में आया SSP का तबादला?

आपको बता दें कि अविनाश पांडेय का तबादला ऐसे वक्त हुआ है, जब बीते करीब डेढ़ महीने में मेरठ में पुलिस की कार्रवाई और SSP के कथित व्यवहार को लेकर कई विवाद सामने आए। हालांकि शासन की ओर से तबादले को प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसे हालिया विवादों से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है। अविनाश पांडेय को लेकर विवाद की शुरुआत जुलाई में ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

इसी दौरान SSP अविनाश पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी/अधिवक्ता को थप्पड़ मारते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और SSP पर सवाल उठाए। मामले में SSP समेत करीब 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ SC-ST कोर्ट में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग भी की गई थी। हालांकि, अविनाश पांडेय ने पुलिस की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताते हुए इसे साक्ष्यों पर आधारित और उचित बताया था।

UP News: किसान नेता ने लगाए मारपीट के आरोप

पहला विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अगस्त में SSP पर एक और गंभीर आरोप लगा। भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि वह एक गैंगस्टर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अपने साथी के साथ SSP कार्यालय पहुंचे थे। जहां किसी बात को लेकर SSP नाराज हो गए और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके साथ पिटाई की गई।

हालांकि, SSP अविनाश पांडेय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दिग्विजय भाटी एक हिस्ट्रीशीटर के साथ कार्यालय पहुंचे थे और वहां विवाद कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया था। SSP ने किसी भी तरह की मारपीट या थर्ड डिग्री दिए जाने से इनकार किया था।

BBGTS मूर्ति के हाथ में मेरठ की कमान

लगातार सामने आए विवादों के बीच शासन ने अब मेरठ की पुलिस कमान बदल दी है। IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया है। वहीं, अविनाश पांडेय को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर DGP मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

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