BJP: पैलेट गन मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी की मांग है कि 20 जुलाई की घटना में कथित पैलेट गन इस्तेमाल को लेकर FIR दर्ज की जाए। वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी के धरने को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए सवाल उठाया है कि जब सरकार इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है और कई मांगों पर कदम उठाए जा चुके हैं, तो फिर धरने की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार ने उठाए कदम, फिर भी राहुल का धरना जारी
बीजेपी का कहना है कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। पार्टी का दावा है कि संबंधित मामले में सरकार की ओर से जवाबदेही तय करने के लिए कदम उठाए गए और शिक्षा मंत्री को भी इस्तीफा देना पड़ा। बीजेपी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की कई मांगों पर सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है, इसके बावजूद राहुल गांधी का थाने के बाहर धरना देना राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। बीजेपी नेताओं का तर्क है कि यदि सरकार ने संबंधित मांगों को स्वीकार करते हुए आवश्यक कार्रवाई की है और मामला न्यायिक प्रक्रिया में भी है, तो कांग्रेस को संस्थागत प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या हर मामले में सड़क या थाने के बाहर धरना ही समाधान है?
BJP: BJP ने राहुल के धरने को बताया राजनीतिक ड्रामा
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नेता इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी राहुल गांधी के धरने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब 20 जुलाई की घटना का सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले चुका है और मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, तब राहुल गांधी का पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देना समझ से परे है। बीजेपी का कहना है कि जांच की प्रक्रिया को अपना काम करने दिया जाना चाहिए। पार्टी के मुताबिक, विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी को संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
वंदे मातरम् विवाद के बीच धरने के समय पर भी सवाल
बीजेपी ने राहुल गांधी के धरने के समय पर भी सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस इस समय वंदे मातरम् विवाद को लेकर राजनीतिक दबाव में है और पैलेट गन मामले को उठाकर जनता का ध्यान दूसरे मुद्दे की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार पहले ही संबंधित मामले में आवश्यक कदम उठा चुकी है। ऐसे में राहुल गांधी का यह कहना कि कार्रवाई नहीं हो रही, वास्तविक स्थिति से अलग तस्वीर पेश करने जैसा है।
BJP: कांग्रेस की FIR की मांग
वहीं कांग्रेस का कहना है कि साहिल लोचव की शिकायत पर पुलिस को FIR दर्ज करनी चाहिए। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मांग की है कि शिकायत पर कानूनी कार्रवाई की जाए और FIR नंबर पीड़ित को दिया जाए। राहुल गांधी का कहना है कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वह पुलिस स्टेशन से नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी का तर्क है कि सरकार द्वारा पहले ही कार्रवाई किए जाने और मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के बावजूद इस तरह धरने पर बैठना राजनीतिक प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं है। फिलहाल पैलेट गन मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। एक तरफ कांग्रेस FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़ी है, तो दूसरी तरफ बीजेपी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को गिनाते हुए राहुल गांधी के धरने की जरूरत और समय दोनों पर सवाल उठा रही है।
ये भी पढ़ें…जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं की पिटाई क्यों हुई? स्कूल से शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव तक पहुंचा








