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अंतिम पड़ाव की ओर बाबा बर्फानी की यात्रा, छड़ी मुबारक लेकर पवित्र गुफा की ओर निकले साधु-संत

Baba Amarnath Yatra enters its final leg
Baba Amarnath Yatra enters its final leg

Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी (अमरनाथ) की सालाना यात्रा का मुख्य चरण शनिवार से शुरू हो गया है। जिसमें, पवित्र गदा के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरी पारंपरिक रीति-रिवाजों और प्रार्थनाओं के साथ पवित्र छड़ी मुबारक को लेकर पवित्र गुफा मंदिर की ओर बढ़ गए हैं। पवित्र छड़ी गुफा में पहुंचने के साथ ही वार्षिक अमरनाथ यात्रा का समापन होता है।

मुख्य यात्रा के लिए प्रस्थान

महंत दीपेंद्र गिरी ने कहा कि आज श्रावण शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर, पवित्र छड़ी मुबारक को लेकर मुख्य यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। 22 और 23 अगस्त को पहलगाम में हम विश्राम करेंगे, 24 तारीख की रात को हम चंदनवाणी में रुकेंगे, और 25 अगस्त को हम शेषनाग में रुकेंगे। तिथियों में थोड़ी भिन्नता होने की वजह से पंचतरणी में इस वर्ष दो रात का पड़ाव होगा। यहां हम 26 और 27 की रात को रुकेंगे।” महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र छड़ी मुबारक को पवित्र गुफा में लेकर जाया जाएगा, जहां मां पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने वह कथा कही, जिसको सुनने से जीव जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है। छड़ी मुबारक को वैदिक मंत्रों से पवित्र गुफा में स्थापित किया जाएगा और परंपरागत पूजन-अर्चन किया जाएगा।

Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा कब होगी पूर्ण? 

उन्होंने बताया कि पूजन-अर्चन के बाद 28 अगस्त की रात्रि को फिर पंचतरणी में पड़ाव रहेगा। 29 अगस्त को सुबह यहां से चलकर शेषनाग, चंदनवाणी होते हुए पहलगाम में हमारी रात्रि पड़ाव होगी और 30 अगस्त को लिद्दर नदी के किनारे पूजन-विसर्जन और महात्माओं के भोज के बाद वाशिक छड़ी मुबारक अमरनाथ यात्रा पूर्ण हो जाएगी। महंत दीपेंद्र गिरी ने आगे कहा कि यात्रा के पैटर्न को देखा जाए तो पहले 10-12 दिन में 3 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की खबर थी। इसके बाद खराब मौसम के बाद यात्रा ज्यादातर स्थगित ही रही। उन्होंने कहा कि 2012 में 39 दिन की यात्रा में 6 लाख 35 हजारों लोगों ने दर्शन किया था, जो आज तक रिकॉर्ड है।

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