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डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल, जानिए तीन दशक का राजनीतिक सफर

दिनेश शर्मा का तीन दशक का राजनीतिक सफर

Dinesh Sharma: उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह सेवानिवृत्त एडमिरल डीके जोशी की जगह लेंगे। खास बात यह है कि डॉ. शर्मा का राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल अभी करीब दो महीने बाकी था और नवंबर 2026 तक उनका कार्यकाल निर्धारित था। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया है।

लखनऊ के महापौर से यूपी के डिप्टी सीएम तक

डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने 2007 से 2017 तक लखनऊ नगर निगम के महापौर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर उन्हें प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। वह मार्च 2022 तक इस पद पर रहे। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया।

Dinesh Sharma: तीन दशक से राजनीति में सक्रिय

डॉ. दिनेश शर्मा करीब तीन दशक से भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इस दौरान वह संगठन और सरकार में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्ष 1993 से 1998 तक उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वह राष्ट्रीय युवा आयोग के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष जैसे पदों पर भी रहे।

वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी वर्ष उन्हें पार्टी के सदस्यता अभियान का राष्ट्रीय संयोजक भी बनाया गया था। वर्ष 2017 से 2022 तक वह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे। 2023 में भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया और वह निर्विरोध उच्च सदन के सदस्य चुने गए। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें महाराष्ट्र में भाजपा का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था।

दिनेश शर्मा का तीन दशक का राजनीतिक सफर
दिनेश शर्मा का तीन दशक का राजनीतिक सफर
भाजपा के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल

डॉ. दिनेश शर्मा को उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में गिना जाता है। खासतौर पर अवध क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पहचान रही है। ऐसे में उन्हें अंडमान एवं निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने को उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज के बीच भाजपा की राजनीतिक पहुंच और संदेश से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

Dinesh Sharma: विनोद तावड़े ने दी बधाई

डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. शर्मा के अनुभव और कुशल नेतृत्व से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के विकास को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ में हुआ जन्म

डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को लखनऊ में हुआ था। वह लखनऊ के एक कर्मकांडी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता केदार नाथ शर्मा, जिन्हें पाधाजी के नाम से भी जाना जाता था, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जनसंघ के कार्यकर्ता रहे थे।राजनीति में आने से पहले डॉ. दिनेश शर्मा का शैक्षणिक क्षेत्र से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में इसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के तौर पर काम किया। अपने शैक्षणिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने 20 से अधिक छात्रों को पीएचडी कराने में मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा उन्होंने छह किताबें भी लिखीं।

Dinesh Sharma: छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वर्ष 1987 में वह लखनऊ विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष बने। इसके बाद 1991 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। वर्ष 1993 से 1998 तक उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर काम किया।इसके बाद भाजपा संगठन और सरकार में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती गईं। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला और उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान भाजपा संगठन में उन्हें उत्तर प्रदेश भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया।

डॉ. दिनेश शर्मा लखनऊ की राजनीति में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे। वर्ष 2006 और 2012 में वह लखनऊ के महापौर चुने गए। इसके बाद 2007 से मार्च 2017 तक उन्होंने लखनऊ नगर निगम के महापौर के तौर पर काम किया। वर्ष 2014 में भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गुजरात प्रदेश का प्रभारी बनाया।

Dinesh Sharma: दिनेश शर्मा का तीन दशक का राजनीतिक सफर
दिनेश शर्मा का तीन दशक का राजनीतिक सफर
डिप्टी सीएम के बाद राज्यसभा पहुंचे

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा को उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके साथ ही उन्हें विधान परिषद में नेता सदन की जिम्मेदारी भी मिली। मार्च 2022 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान ब्रजेश पाठक ने उनकी जगह उपमुख्यमंत्री का पद संभाला।इसके बाद वर्ष 2023 में भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया। वह बिना किसी विरोध के संसद के उच्च सदन के सदस्य चुने गए। अब उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।

Dinesh Sharma: लगातार किसी न किसी जिम्मेदारी में रहे

डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर करीब तीन दशक से अधिक समय तक लगातार सक्रिय रहा है। छात्र राजनीति से शुरुआत करने के बाद उन्होंने युवा मोर्चा, भाजपा संगठन, लखनऊ नगर निगम, उत्तर प्रदेश सरकार और संसद में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। अब उपराज्यपाल के रूप में उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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