BRICS Summit In Putin Security: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने भारत पहुंच चुके हैं। उनके दौरे से पहले ही रूसी एडवांस टीम और सुरक्षा अधिकारियों की तैयारियां शुरू हो गई थीं। पुतिन की सुरक्षा केवल उनके आसपास तैनात बॉडीगार्ड तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनके खाने, शेफ, यात्रा, होटल और कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा का पूरा नेटवर्क काम करता है। आखिर पुतिन के लिए यह खास सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम करती है?
दुनिया के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा चर्चा में रहती है। विदेश दौरे पर उनके साथ रूसी सुरक्षा अधिकारी और दूसरी विशेष टीमें रहती हैं। मेजबान देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर उनके मूवमेंट और कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
BRICS Summit 2026 के लिए पुतिन 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पहुंचने से पहले रूसी सैन्य परिवहन विमान भी भारत आए, जिनमें एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी शामिल थे।लेकिन पुतिन की सुरक्षा की सबसे दिलचस्प बात सिर्फ उनके बॉडीगार्ड नहीं हैं। उनके खाने और भोजन की तैयारी को लेकर भी बेहद सावधानी बरती जाती है।
पुतिन की सुरक्षा कौन करता है?
पुतिन की व्यक्तिगत सुरक्षा की जिम्मेदारी रूस की Presidential Security Service (SBP) के पास है। यह रूस की Federal Guard Service (FSO) के अंतर्गत काम करती है। राष्ट्रपति के विदेश दौरे पर जाने से पहले सुरक्षा से जुड़ी टीमें तैयारियां शुरू कर देती हैं। होटल, कार्यक्रम स्थल, आने-जाने के रास्ते और आसपास के इलाकों की सुरक्षा को लेकर मेजबान देश की एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाता है। यानी पुतिन के दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा में सिर्फ रूसी एजेंसियां ही नहीं, बल्कि भारतीय सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
BRICS Summit In Putin Security: पुतिन के आसपास काले सूट वाले गार्ड क्यों रहते हैं?
पुतिन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर उनके आसपास काले सूट और ईयरपीस लगाए सुरक्षाकर्मी दिखाई देते हैं। इनका मुख्य काम राष्ट्रपति के बेहद करीब किसी अनधिकृत या संदिग्ध व्यक्ति को पहुंचने से रोकना होता है। सुरक्षा व्यवस्था केवल एक घेरे तक सीमित नहीं होती। करीबी सुरक्षा के अलावा कार्यक्रम स्थल, होटल, रास्तों और आसपास के क्षेत्र की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें तैनात रहती हैं। विदेशी दौरे में स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे सुरक्षा तंत्र का हिस्सा होती हैं।

पुतिन का खाना कौन बनाता है?
अब बात उस सवाल की, जो सबसे ज्यादा लोगों की दिलचस्पी का विषय रहता है- रूसी राष्ट्रपति का खाना आखिर कौन बनाता है? पुतिन के खानपान को लेकर कई वर्षों से अलग-अलग मीडिया रिपोर्टें सामने आती रही हैं। The Moscow Times की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके निजी शेफ विदेश यात्राओं के दौरान भी उनके साथ जाते हैं और उनके लिए भोजन तैयार करते हैं। इसका मतलब यह है कि विदेश दौरे पर पुतिन का भोजन पूरी तरह मेजबान देश के होटल या स्थानीय किचन पर निर्भर नहीं रहता। उनकी अपनी टीम भी भोजन की तैयारी में भूमिका निभाती है।
BRICS Summit In Putin Security: क्या पुतिन का खाना पहले टेस्ट किया जाता है?
पुतिन के खाने को लेकर यह दावा अक्सर किया जाता है कि भोजन को पहले टेस्ट किया जाता है। कुछ रिपोर्टों में उनके साथ रहने वाली विशेष टीम द्वारा भोजन की जांच किए जाने का उल्लेख मिलता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन का खाना चुपके से तैयार किया जाता है. वो जो कुछ भी खाते हैं उसे पहले निकटतम सलाहकार टेस्ट करते हैं उसके बाद ही पुतिन को खाने को दिया जाता है. विदेशी दौरों पर भी पुतिन के साथ उनके शेफ जाते हैं जो उनके लिए खाना बनाते हैं.
क्या विदेश दौरे पर खाना भी साथ जाता है?
पुतिन की विदेश यात्राओं को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि उनके निजी शेफ के साथ कुछ खाद्य सामग्री भी ले जाई जा सकती है। इसका उद्देश्य भोजन की तैयारी और सामग्री पर अधिक नियंत्रण रखना बताया जाता है। यही कारण है कि राष्ट्रपति के विदेशी दौरे में खानपान की व्यवस्था सामान्य VVIP व्यवस्था से अलग और ज्यादा नियंत्रित हो सकती है।
BRICS Summit In Putin Security: भारत पहुंचने से पहले रूस ने क्या तैयारी की?
BRICS Summit से पहले रूसी पक्ष की तैयारियां भी चर्चा में रहीं। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस के सैन्य परिवहन विमान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे, जिनमें रूसी एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी शामिल थे। इसके बाद दिल्ली में पुतिन के कार्यक्रमों और उनके आने-जाने वाले मार्गों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। BRICS में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के कारण राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पुतिन की सुरक्षा में सबसे अहम क्या है?
पुतिन की सुरक्षा को केवल बॉडीगार्ड या बुलेटप्रूफ कार तक समझना अधूरा होगा। उनके विदेशी दौरे में सुरक्षा कई स्तरों पर काम करती है- एडवांस टीम, निजी सुरक्षा अधिकारी, यात्रा मार्ग की निगरानी, होटल और कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा तथा मेजबान देश की एजेंसियों के साथ समन्वय। और इसी सुरक्षा तंत्र का एक हिस्सा खाने और खानपान की व्यवस्था को लेकर बरती जाने वाली सावधानी भी है।
BRICS Summit In Putin Security: पुतिन की सुरक्षा का ‘कवच’ कितना बड़ा है?
पुतिन के भारत दौरे ने एक बार फिर दिखाया है कि किसी राष्ट्राध्यक्ष की विदेश यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होती। इसके पीछे कई दिनों पहले से चलने वाली सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और समन्वय की बड़ी तैयारी होती है। BRICS Summit में आज मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात भी होनी है। ऐसे में जहां पूरी दुनिया की नजर दोनों नेताओं की बातचीत पर है, वहीं पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
ये भी पढ़े… दिल्ली में आज से 3 दिन ट्रैफिक डायवर्जन, 22 रूट पर जाने से बचें; जानें पूरा प्लान








