BHOPAL RSS NEWS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के बीच भोपाल में रविवार को बड़ा आयोजन होने जा रहा है। लाल परेड मैदान में होने वाले ‘शाखा संगम’ में करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के जुटने की तैयारी है। खास बात यह है कि इस बड़े आयोजन से पहले संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अलग-अलग समूहों के साथ बैठकों का सिलसिला भी चल रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये बैठकें क्यों हो रही हैं और भोपाल में RSS का क्या प्लान है?
बड़े आयोजन से पहले बैठकों का दौर क्यों?
दत्तात्रेय होसबाले रविवार सुबह से भोपाल के समाज सेवा न्यास में अलग-अलग बैठकों में शामिल हो रहे हैं। इन बैठकों में भोपाल शहर के ‘श्रेणी मिलन’ समूहों, संघ विकास मंडली और केंद्रीय संस्थानों से जुड़े विद्यार्थियों व प्रोफेसरों के साथ संवाद शामिल है। इन बैठकों के जरिए संगठन की गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर संवाद किया जा रहा है। इसके बाद शाम को होने वाला ‘शाखा संगम’ इस पूरे कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगा।
BHOPAL RSS NEWS: लाल परेड मैदान में 30 हजार स्वयंसेवकों का जुटान
रविवार शाम करीब 4:30 बजे लाल परेड मैदान में ‘शाखा संगम’ आयोजित किया जाएगा। इसमें भोपाल विभाग के पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की तैयारी है। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की शारीरिक गतिविधियों का प्रदर्शन होगा। इसके साथ संघ गीत और घोष वादन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। इस आयोजन के जरिए नियमित शाखाओं में होने वाली गतिविधियों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
क्या है ‘पंच परिवर्तन’ का फोकस?
RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में ‘पंच परिवर्तन’ को प्रमुखता दी जा रही है। इसके तहत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर जोर दिया जा रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष का औपचारिक शुभारंभ विजयादशमी 2025 से हुआ था। इसके बाद देशभर में वर्षभर अलग-अलग कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

BHOPAL RSS NEWS: शाम को 50 विशिष्ट लोगों से भी मुलाकात
लाल परेड मैदान के कार्यक्रम के बाद शाम करीब 6:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक अलग संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें करीब 50 विशिष्ट लोगों के साथ बैठक होगी। इसमें केंद्रीय संस्थानों के प्रमुखों के अलावा भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, एम्स भोपाल के निदेशक और अन्य आमंत्रित लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
बैठकों और बड़े जुटान से क्या संदेश?
भोपाल में दत्तात्रेय होसबाले की अलग-अलग समूहों के साथ बैठकें और इसके बाद हजारों स्वयंसेवकों का एक मंच पर जुटना RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का हिस्सा है। कार्यक्रमों में संगठन की शाखा गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों और ‘पंच परिवर्तन’ के मुद्दों को सामने रखने पर जोर है। यानी भोपाल में रविवार का कार्यक्रम केवल एक बड़ा स्वयंसेवक जुटान नहीं है, बल्कि इसके साथ अलग-अलग वर्गों के लोगों के साथ संवाद और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम भी रखा गया है।
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