West Bengal: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। बीजेपी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसी बदलाव के कुछ महीनों बाद ‘खबर इंडिया’ के पत्रकार रोहित अत्री ने कोलकाता पहुंचकर आम लोगों से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि चुनाव के बाद राज्य के माहौल में कितना बदलाव आया है।
West Bengal: 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा का जिक्र
ग्राउंड रिपोर्ट में पत्रकार ने लोगों से बातचीत के दौरान 15 अगस्त और तिरंगा यात्राओं का जिक्र किया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पहले तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर केस होने की बात कही जाती थी, जबकि इस बार बड़ी संख्या में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी देखने को मिला। रिपोर्ट में मौजूद लोगों ने इसे राज्य में आए बदलाव से जोड़कर देखा।
‘जय श्रीराम’ बोलने को लेकर क्या बोले लोग?
पत्रकार ने कोलकाता की सड़कों पर लोगों से पूछा कि क्या अब भी ‘जय श्रीराम’ बोलने में किसी तरह का डर या परेशानी महसूस होती है। बातचीत में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि अब ‘जय श्रीराम’ बोलने में कोई दिक्कत नहीं है और लोगों को रोकने वाला कोई नहीं है।एक अन्य व्यक्ति ने दावा किया कि चुनाव के बाद फोन पर बातचीत शुरू होते ही कई लोग ‘जय श्रीराम’ कहकर बात शुरू कर रहे हैं। उनके मुताबिक, पहले जो लोग इस नारे को लेकर नाराज होते थे, उनके व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
West Bengal: बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर लोगों की राय
रिपोर्ट में बाबरी मस्जिद के नाम पर निर्माण को लेकर भी लोगों से सवाल किए गए। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि बंगाल में किसी धर्म के खिलाफ उनकी आपत्ति नहीं है, लेकिन बाबर के नाम पर मस्जिद बनाए जाने का वह विरोध करते हैं।इसी बातचीत में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस और उससे जुड़े विवाद का भी जिक्र हुआ। रिपोर्ट में शामिल लोगों ने कहा कि बंगाल में बाबर के नाम पर मस्जिद का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, ये बातें बातचीत में शामिल स्थानीय लोगों के व्यक्तिगत विचार और दावे हैं।
मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद का भी जिक्र
पत्रकार ने बताया कि कुछ समय पहले कोलकाता की सड़कों पर इसी मुद्दे को लेकर सवाल पूछने के दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, मुर्शिदाबाद में बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की चर्चा के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आया।एक व्यक्ति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में मस्जिद के लिए जमीन दिए जाने के बावजूद वहां अब तक निर्माण नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में इस तरह की योजना को लेकर लोगों ने विरोध किया।
West Bengal: गणेश पूजा को लेकर भी पूछे सवाल
रिपोर्ट में गणेश उत्सव का भी जिक्र किया गया। बातचीत में एक व्यक्ति ने दावा किया कि इस बार बंगाल में गणेश पूजा बड़े स्तर पर हुई और पुलिस की ओर से पहले की तुलना में कम रोक-टोक देखने को मिली।उसने कहा कि पहले विसर्जन की तारीख और अनुमति को लेकर पुलिस से संपर्क करना पड़ता था, जबकि इस बार स्थिति अलग दिखाई दी। रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसने एक दिन में करीब 25 गणेश पूजा पंडालों के उद्घाटन में हिस्सा लिया।
दुर्गा पूजा और धार्मिक आयोजनों का जिक्र
बातचीत के दौरान दुर्गा पूजा का भी उल्लेख हुआ। लोगों ने कहा कि बंगाल को दुर्गा और काली की भूमि माना जाता है और यहां धार्मिक आयोजनों को लेकर किसी तरह की रोक नहीं होनी चाहिए।रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दुर्गा पूजा के पंडालों में शंख और घंटी बजाने को लेकर पहले आपत्ति जताए जाने की बातें सामने आती थीं। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि अब इस तरह की रोक का माहौल नहीं है और धार्मिक आयोजनों में लोग खुलकर हिस्सा ले रहे हैं।
West Bengal: ‘डर का माहौल खत्म हुआ’ स्थानीय लोगों का दावा
पत्रकार ने लोगों से यह भी पूछा कि क्या सरकार बदलने के बाद अब उन्हें पहले जैसा डर महसूस होता है। एक व्यक्ति ने कहा कि अब डर का माहौल खत्म हो गया है और लोगों में भरोसा बढ़ा है।एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि पहले रामनवमी की शोभायात्राओं के दौरान पथराव जैसी घटनाएं होती थीं। बातचीत में उन्होंने कहा कि अब ऐसे लोग नजर नहीं आ रहे हैं, जिन्हें पहले गुंडागर्दी और डराने-धमकाने से जोड़ा जाता था।हालांकि, ये दावे ग्राउंड रिपोर्ट में बातचीत के दौरान स्थानीय लोगों ने किए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
राजनीतिक बदलाव को लेकर भी हुई बातचीत
रिपोर्ट में एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि उसने वाम दलों से लेकर ममता बनर्जी की सरकार तक कई राजनीतिक दौर देखे हैं। बीजेपी सरकार को लेकर उसने कहा कि अभी नई सरकार को कुछ ही महीने हुए हैं और आने वाले समय में इसके कामकाज का आकलन किया जा सकेगा।पत्रकार ने भी रिपोर्ट के अंत में कहा कि वह चुनाव के करीब पांच महीने बाद बंगाल पहुंचे हैं और आगे भी राज्य में आकर लोगों के बीच की स्थिति को रिपोर्ट करते रहेंगे।
West Bengal: कोलकाता की सड़कों से क्या सामने आया?
इस ग्राउंड रिपोर्ट में पत्रकार ने कोलकाता के अलग-अलग लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को लोग किस तरह देख रहे हैं। बातचीत में तिरंगा यात्रा, ‘जय श्रीराम’, गणेश पूजा, दुर्गा पूजा, बाबरी मस्जिद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।रिपोर्ट में लोगों ने सरकार बदलने के बाद माहौल में बदलाव का दावा किया, जबकि इन दावों को स्थानीय लोगों की राय और अनुभव के तौर पर देखा जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में 2026 के चुनाव के बाद पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं।








