Raj Thackeray SIR Cancellation: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मौजूदा SIR प्रक्रिया को रद्द कर नए तरीके से शुरू करने की मांग की है। राज ठाकरे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2025 से SIR का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया है। उन्होंने प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग भी की।
Raj Thackeray SIR Cancellation: राज ठाकरे ने क्या कहा-
राज ठाकरे ने कहा कि SIR प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और इसे पूरी तरह रद्द कर नए सिरे से शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने SIR से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि जांच के बाद ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।
Raj Thackeray SIR Cancellation: विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील-
MNS प्रमुख ने इस मुद्दे पर देश के सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने बड़े स्तर पर आंदोलन की बात कही और भविष्य में चुनाव EVM की जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि SIR में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच जरूरी है।
चुनाव आयोग को लेकर क्यों उठे सवाल-
SIR को लेकर विवाद उस समय और बढ़ा, जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी डेटा से जुड़े मुद्दे शामिल थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल प्रक्रिया के मसौदा चरण से जुड़े थे और निर्णय लेने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थे।
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