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वोटर लिस्ट अपडेट पर सवाल: Gen-Z के वोट और SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप

Gen-Z Voter Registration:

Gen-Z Voter Registration: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। हालांकि, चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए साल में चार qualifying dates निर्धारित हैं और मतदाता सूची में लगातार अपडेट की प्रक्रिया भी जारी रहती है।

Gen-Z Voter Registration: साल में 4 बार नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन का प्रावधान-

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को साल में चार qualifying dates का प्रावधान है। ये तारीखें 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर हैं। चुनाव आयोग के अनुसार पात्र नागरिक इन तारीखों के आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भी चुनाव आयोग ने बताया था कि 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 1.84 करोड़ से अधिक मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल थे। साथ ही आयोग ने कहा था कि चुनाव के दौरान भी पात्र मतदाताओं के लिए electoral rolls में continuous updation की प्रक्रिया जारी रहती है।

Gen-Z Voter Registration: SIR को लेकर क्या है विवाद-

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूचियों का विस्तृत पुनरीक्षण किया जाता है। 2025 में बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने 2026 के लिए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR कराने के निर्देश जारी किए। आयोग के दस्तावेज में उत्तर प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों के लिए 1 जनवरी 2026 को qualifying date रखा गया था। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम जुड़ने और हटने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण संविधान और संबंधित चुनावी कानूनों के तहत किया जाता है।

Gen-Z का वोट क्यों अहम है-

18 से 28 वर्ष के आसपास की युवा आबादी आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण मतदाता समूह है। नए मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन और उनकी चुनावी भागीदारी इसलिए भी अहम है क्योंकि हर चुनाव में बड़ी संख्या में युवा पहली बार मतदान के योग्य होते हैं। चुनाव आयोग भी युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने के लिए Electoral Literacy Clubs और अन्य कार्यक्रम चला रहा है। सितंबर 2026 में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने युवाओं के बीच चुनावी जागरूकता बढ़ाने के लिए Electoral Literacy Clubs की भूमिका पर जोर दिया था।

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप-

मतदाता रजिस्ट्रेशन और SIR को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि Gen-Z युवाओं को मतदाता सूची से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है और इसके पीछे राजनीतिक कारण हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि उत्तर प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में युवाओं के वोट रजिस्ट्रेशन को लेकर उठाए गए कदम आगामी चुनावों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में 2026 के लिए SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम जोड़ने की व्यवस्था मौजूद है।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर निगाह-

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने के लिए चुनाव आयोग का Voters’ Services Portal उपलब्ध है। पात्र नागरिक यहां नए मतदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन, आवेदन की स्थिति और मतदाता सूची में विवरण अपडेट करने जैसी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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