ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण सिर्फ एक व्यापार मेले की शुरुआत नहीं है। यह उस बदलाव की तस्वीर भी पेश कर रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों से लेकर रक्षा निर्माण और आधुनिक उद्योगों तक को एक ही मंच पर वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है। ग्रेटर नोएडा में शुरू हुए इस आयोजन में 90 देशों से 600 से ज्यादा विदेशी खरीदार और 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले UPITS 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलते औद्योगिक माहौल को लेकर योगी सरकार की नीतियों और कामकाज की खुलकर चर्चा की।उनके संबोधन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि निवेश केवल घोषणाओं से नहीं आता, उसके लिए कानून-व्यवस्था, उद्योग के अनुकूल नीतियां, सक्रिय सरकार और निवेशकों की मदद करने वाली व्यवस्था जरूरी होती है। अमित शाह के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश में ये चारों चीजें मौजूद हैं और इसी बदलाव ने राज्य को निवेश के केंद्र के रूप में आगे बढ़ाया है।
UP News: UPITS सिर्फ मेला नहीं, यूपी के नए आर्थिक मॉडल की तस्वीर
UP International Trade Show को योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के एक बड़े मंच के रूप में विकसित किया है। इस बार यहां 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार और करीब 1.5 लाख बी2बी आगंतुकों की भागीदारी का अनुमान है। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस इस संस्करण में साझेदार देशों के रूप में शामिल हैं। यानी जिस राज्य के छोटे कारीगर और स्थानीय कारोबारी लंबे समय तक सीमित बाजार पर निर्भर रहते थे, उन्हें अब एक ऐसे मंच पर लाने की कोशिश है जहां उनके उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखे जा सकें। यही UPITS की सबसे बड़ी खासियत बनकर सामने आ रही है।
अमित शाह ने बताया- निवेश के लिए योगी सरकार ने क्या बदला?
उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ने के पीछे चार प्रमुख बातों का उल्लेख किया—बेहतर कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और निवेशकों की मदद करने का माहौल। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद राज्य में ऐसा वातावरण तैयार हुआ, जिसने निवेश को आकर्षित करने में मदद की। अमित शाह ने अपने भाषण में पिछली व्यवस्था से तुलना करते हुए कहा कि पहले जहां अपराध और अवैध हथियारों की गतिविधियों की चर्चा होती थी, वहीं अब डिफेंस कॉरिडोर, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे उद्योगों की बात हो रही है। यह अमित शाह द्वारा किया गया राजनीतिक और नीतिगत आकलन है। यानी सरकार का मॉडल सिर्फ सरकारी योजनाएं शुरू करने तक सीमित नहीं है। उसके साथ कानून-व्यवस्था और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को जोड़कर निवेश का वातावरण बनाने पर जोर है।
UP News: कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर का उदाहरण
UPITS के मंच से अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के रक्षा उत्पादन को योगी सरकार के बदलाव का बड़ा उदाहरण बनाया। उन्होंने बताया कि यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड—झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में रक्षा निर्माण के लिए निवेश आ रहा है। अमित शाह के मुताबिक भारत का रक्षा उत्पादन अब 1.78 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है और 2013-14 की तुलना में रक्षा निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा उत्पाद अब 80 देशों तक पहुंच रहे हैं और इसमें उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका है। लखनऊ में ब्रह्मोस सुविधा और अमेठी में AK-203 राइफल निर्माण को उन्होंने इसी बदलाव का प्रतीक बताया।

ब्रह्मोस से AK-203 तक, यूपी की नई पहचान
UPITS के मंच पर अमित शाह का सबसे चर्चित बयान उत्तर प्रदेश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि यूपी में बनी ब्रह्मोस पाकिस्तान की “नींद उड़ा” रही है। उन्होंने अमेठी में बन रही AK-203 असॉल्ट राइफल का भी उल्लेख किया। यहां महत्वपूर्ण बात सिर्फ बयान नहीं है, बल्कि यह है कि लखनऊ और अमेठी जैसे स्थान रक्षा विनिर्माण की राष्ट्रीय श्रृंखला में अपनी जगह बना रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है। वहां ब्रह्मोस मिसाइल की असेंबली, इंटीग्रेशन और परीक्षण से जुड़ा काम होता है और पहली निर्मित खेप अक्टूबर 2025 में रवाना की गई थी। यानी यूपी की औद्योगिक कहानी अब केवल पारंपरिक कारोबार तक सीमित नहीं है।
UP News: नोएडा एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से निवेश को मिली नई कनेक्टिविटी
अमित शाह ने यूपी के बदलते औद्योगिक माहौल में नोएडा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य बुनियादी ढांचे की भूमिका का भी उल्लेख किया। किसी उद्योग के लिए केवल जमीन और नीति पर्याप्त नहीं होती। माल को बाजार तक पहुंचाने, कर्मचारियों और निवेशकों की आवाजाही और दूसरे राज्यों तथा देशों से संपर्क के लिए मजबूत कनेक्टिविटी भी जरूरी होती है। इसीलिए योगी सरकार के औद्योगिक मॉडल में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, हाईवे और औद्योगिक ढांचे को निवेश नीति के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। अमित शाह ने भी इन परियोजनाओं को निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने वाले कारकों में शामिल किया।
ODOP बना योगी सरकार की सबसे अलग पहचान वाला मॉडल
अगर यूपी के पारंपरिक उद्योगों की बात हो तो वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट यानी ODOP सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य अलग-अलग जिलों के विशिष्ट उत्पादों को पहचान, बाजार और ब्रांड उपलब्ध कराना है। भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी जैसे उत्पादों को इसी व्यापक बाजार रणनीति से जोड़कर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPITS में बताया कि उत्तर प्रदेश के 79 MSME उत्पादों को GI टैग मिल चुका है और 75 अन्य उत्पादों के लिए आवेदन किए गए हैं। उन्होंने ODOP, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के जरिए कारीगरों को प्रशिक्षण, औजार, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की बात कही।
UP News: अब ‘स्थानीय’ उत्पाद सीधे वैश्विक खरीदार के सामने
योगी सरकार के मॉडल का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा है—स्थानीय उत्पाद को स्थानीय बाजार से निकालकर वैश्विक बाजार तक पहुंचाना। UPITS इसी रणनीति का बड़ा मंच है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यूपी से अब 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का माल निर्यात किया जा रहा है। इस ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों की बढ़ती संख्या को सरकार इसी बढ़ती वैश्विक पहुंच के संकेत के तौर पर देख रही है। यानी सरकार की कोशिश केवल उत्पाद बनवाने की नहीं, बल्कि उसके लिए बाजार उपलब्ध कराने की भी है। एक जिला, एक उत्पाद से अब ‘एक जिला, एक व्यंजन’ तक
UPITS 2026 में योगी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को भी आगे बढ़ाया है।
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में ODOC पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके जरिए वाराणसी की मलइयो, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे स्थानीय व्यंजनों को बड़े बाजार से जोड़ने की योजना सामने रखी गई। इसका अर्थ यह है कि सरकार अब यूपी की पहचान केवल औद्योगिक उत्पादों से नहीं, बल्कि स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ने की कोशिश कर रही है। योगी सरकार के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य- 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था UPITS का अंतिम लक्ष्य केवल कुछ दिनों का व्यापार नहीं है। अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा बदलाव इसी दिशा में राज्य को आगे ले जा रहा है।उन्होंने UPITS के पिछले संस्करणों का भी उल्लेख किया और कहा कि पहले संस्करण में दुनिया ने यूपी के बदलाव को देखा, दूसरे में निवेश की रुचि सामने आई, तीसरे में निवेशक पहुंचे और अब चौथे संस्करण में विकास के साझेदारों को जोड़ने का लक्ष्य है। यह सरकार के लिए केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि यूपी की औद्योगिक पहचान बदलने की बड़ी परियोजना के रूप में भी पेश किया जा रहा है।
UP News: योगी मॉडल में कानून-व्यवस्था और उद्योग साथ-साथ
UPITS की पूरी कहानी को अगर एक लाइन में समझना हो तो उसका केंद्र यही है—कानून-व्यवस्था, निवेश, बुनियादी ढांचा और स्थानीय कारोबार को एक साथ आगे बढ़ाना। सरकार का तर्क है कि निवेशक वहां पैसा लगाता है जहां उसे स्थिरता, सुरक्षा, स्पष्ट नीति और काम करने का वातावरण मिलता है। अमित शाह ने भी अपने संबोधन में इन्हीं बातों को निवेश के लिए जरूरी बताया। इसी के साथ एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक परियोजनाएं और ODOP जैसी पहलों को जोड़कर योगी सरकार यूपी की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का दावा कर रही है।
UPITS से आगे की कहानी क्या है?
UPITS 2026 में विदेशी खरीदारों की मौजूदगी और हजारों प्रदर्शकों की भागीदारी निश्चित रूप से एक बड़ा मंच तैयार करती है। लेकिन इसकी असली सफलता इस बात से मापी जाएगी कि इन संपर्कों से आगे कितने व्यापारिक समझौते, निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर वास्तविक रूप में सामने आते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश की पुरानी औद्योगिक पहचान को बदलकर उसे रक्षा निर्माण, आधुनिक विनिर्माण, निर्यात, MSME और स्थानीय उत्पादों के वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में अपनी रणनीति पेश कर रही है। और UPITS 2026 उसी रणनीति का सबसे बड़ा सार्वजनिक मंच बनकर सामने आया है—जहां ब्रह्मोस से लेकर बनारसी साड़ी और डिफेंस कॉरिडोर से लेकर ODOP तक, ‘नए यूपी’ की पूरी आर्थिक तस्वीर एक जगह दिखाई दे रही है।
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