Election Commissioner Selection: देश में इस वक्त चुनाव आयोग को लेकर चर्चा तेज है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद इलेक्शन कमीशन में बवाल मचा हुआ है। विपक्ष लगातार हमलावर है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर वह अपना पद छोड़ते हैं तो अगला CEC कौन होगा। साथ ही लोगों के मन में यह सवाल भी है कि चुनाव आयुक्त का चयन कैसे होता है और उनकी नियुक्ति कौन करता है। आइए जानते हैं चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया।
Election Commissioner Selection: क्या है पहली शर्त-
चुनाव आयुक्त का पद संभालने के लिए पहली जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार केंद्र सरकार में सचिव के पद पर हो या इस पद पर रह चुका हो। इलेक्शन कमिश्नर के पद के लिए सीधे आवेदन नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव होना जरूरी है। पहले चुनाव आयुक्त का चयन सिर्फ इलेक्शन कमीशन के अंदर काम कर रहे अधिकारियों में से किया जाता था। हालांकि, अब मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 के तहत आयोग से बाहर के अधिकारियों को भी इस पद के लिए मौका दिया जाता है।
Election Commissioner Selection: क्या है चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया-
इलेक्शन कमिश्नर के चयन के लिए कानून मंत्री की अध्यक्षता में एक सर्च कमेटी बनाई जाती है। यह कमेटी सचिव स्तर के अधिकारियों में से नाम चुनकर एक पैनल तैयार करती है। इसके बाद इस पैनल को सिलेक्शन कमेटी के सामने रखा जाता है। सिलेक्शन कमेटी में प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। यह समिति सर्च कमेटी की ओर से सुझाए गए नामों में से किसी एक को चुन सकती है। इसके अलावा समिति पैनल से बाहर किसी अन्य योग्य उम्मीदवार का नाम भी चुन सकती है।
पहले क्या था चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का सिस्टम-
मार्च 2023 से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया अलग थी। उस समय सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति इन नियुक्तियों को करते थे। संविधान में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अलग से कोई विस्तृत प्रक्रिया तय नहीं थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ मामले में सुनवाई करते हुए फैसला दिया था कि जब तक संसद इस संबंध में कोई कानून नहीं बनाती, तब तक प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI मिलकर चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सिफारिश करेंगे।
2023 में बदला नियुक्ति का नियम-
साल 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर नया कानून लाया गया। इसके तहत उस चयन समिति में CJI की जगह एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया, जिसे प्रधानमंत्री खुद नामित करते हैं। इस तरह मौजूदा व्यवस्था में चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए सर्च कमेटी नामों का पैनल तैयार करती है और चयन समिति उन नामों पर फैसला करती है। इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
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