Bihar New DGP: बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद राज्य में नए DGP की नियुक्ति की कवायद तेज हो गई है। सरकार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नए DGP के चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से पैनल प्राप्त करना है। पैनल आने तक पुलिस मुख्यालय में कार्यकारी व्यवस्था जारी रहने की संभावना है।
Bihar New DGP: प्रीता वर्मा को मिल सकती है कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी-
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा पैनल में शामिल अधिकारियों में सबसे वरिष्ठ 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी दी जा सकती है। प्रीता वर्मा पहले भी बिहार DGP का प्रभार संभाल चुकी हैं। विनय कुमार के 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक 21 दिनों के अवकाश पर रहने के दौरान भी प्रीता वर्मा को DGP का प्रभार दिया गया था।
Bihar New DGP: UPSC से पैनल मिलने के बाद होगा नियमित चयन-
बिहार में नियमित DGP की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को UPSC से प्राप्त पैनल में शामिल अधिकारियों में से ही किसी एक अधिकारी का चयन करना होता है। इसके लिए राज्य सरकार पात्र वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम UPSC को भेजती है। आयोग अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, पुलिस बल के नेतृत्व का अनुभव और सेवानिवृत्ति में बची सेवा अवधि समेत कई मानकों के आधार पर पैनल तैयार करता है।
DGP पद के लिए तीन महीने पहले भेजे जाते हैं नाम-
सामान्य प्रक्रिया के तहत DGP पद के लिए पात्र अधिकारियों के नाम उनकी वर्तमान सेवानिवृत्ति से कम से कम तीन महीने पहले UPSC को भेजे जाते हैं। हालांकि, विनय कुमार के अचानक VRS लेने से इस प्रक्रिया की समय-सीमा प्रभावित हुई है। ऐसे में नए DGP के चयन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के जरिए आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।
पैनल आने तक कार्यवाहक व्यवस्था संभव-
UPSC का पैनल मिलने तक बिहार पुलिस मुख्यालय में कार्यवाहक व्यवस्था जारी रहने की संभावना है। इसी दौरान वरिष्ठ अधिकारियों में से किसी को DGP की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। प्रीता वर्मा का नाम इस दौड़ में प्रमुखता से सामने आ रहा है।
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