Home » नई दिल्ली » जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर

Jantar Mantar Protest 2.0:

Jantar Mantar Protest 2.0: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 को लेकर पुलिस प्रशासन और पुलिसकर्मी अलर्ट पर हैं। यह प्रोटेस्ट 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) द्वारा किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। इसके अलावा, दिल्ली के कुल 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को ओपन लेटर भी दिया है। ओपन लेटर के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने जनता को संदेश दिया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हमें यह नहीं भूलना है कि हम सब सबसे पहले इंसान हैं। मिली जानकारी के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे दिल्ली क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू की गई है।

Jantar Mantar Protest 2.0: पुलिस प्रशासन ने जारी किया ओपन लेटर

विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन को कई बार हिंसा जैसी स्थितियों से जूझना पड़ा है। पुलिस प्रशासन को प्रदर्शन के दौरान मारपीट, धक्का-मुक्की और जानहानि जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है। इसी वजह से पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के लिए ओपन लेटर जारी किया है और अपने ओपन लेटर में महत्वपूर्ण नियमों के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि हम सबसे पहले इंसान हैं।

– दिल्ली पुलिस की अपील- प्रदर्शन के दौरान हिंसा से बचें, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
– दिल्ली पुलिस का संदेश- “यूनिफॉर्म के पीछे भी एक इंसान है, उसका भी परिवार है, उसके भी अपने लोग हैं।”
– पुलिस ने कहा- फर्क सिर्फ यूनिफॉर्म का है, इंसानियत का नहीं।
– हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट हुई थी।
– प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ने और उनके घायल होने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
– दिल्ली पुलिस की प्रदर्शनकारियों से अपील- विरोध करें, लेकिन हिंसा का रास्ता न अपनाएं।
– कल होने वाले प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।
– संदेश के जरिए पुलिसकर्मियों के मानवीय पक्ष को सामने लाने की कोशिश की गई।
– दिल्ली पुलिस की अपील- लोकतांत्रिक विरोध के दौरान कानून का पालन करें और पुलिसकर्मियों के साथ मर्यादित व्यवहार करें।

Jantar Mantar Protest 2.0: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी की गई धारा 163

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट 2.0 के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है।

क्या है BNSS की धारा 163

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 पुराने कानून की दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के समान है। इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट, उप-खंड मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट तत्काल खतरे या आपातकालीन स्थिति में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आदेश जारी कर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरे से बचाना, दंगा भड़कने की आशंका को रोकना और सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।

इस धारा के तहत आमतौर पर पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर इकट्ठा होने या सार्वजनिक सभा करने पर रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा, बिना अनुमति के जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने या धरने पर बैठने की मनाही हो सकती है। प्रशासन हथियार, लाठी, डंडा या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगा सकता है।

इस धारा के तहत जारी प्रारंभिक आदेश अधिकतम दो महीने तक लागू रह सकता है। राज्य सरकार आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाकर अधिकतम छह महीने तक कर सकती है।

धारा 163 के आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में छह महीने तक की कैद या 2,500 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। वहीं, मानव जीवन या सुरक्षा को खतरा पैदा होने की स्थिति में एक साल तक की कैद या 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

यह भी पढ़े- ‘सब कुछ रोक नहीं सकते’, दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद होने पर CJI सूर्यकांत की दोटूक, सिब्बल बोले- मेरे देश में क्या हो रहा है?