Home » एक्सप्लनेर » जंतर-मंतर नहीं तो रामलीला मैदान! CJP के धरने पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार का आया नया प्रस्ताव

जंतर-मंतर नहीं तो रामलीला मैदान! CJP के धरने पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार का आया नया प्रस्ताव

CJP Protest

CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर जंतर-मंतर पर धरने की अनुमति का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने का मुद्दा उठा। रामलीला मैदान में धरना देने का सुझाव भी सामने आया। सरकार की ओर से मामले पर विचार करने की बात कही गई। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि CJP के प्रदर्शन के लिए कौन-सी जगह तय होती है और सरकार इस मामले में क्या फैसला लेती है।

CJP के प्रदर्शन को लेकर क्यों पहुंचा मामला सुप्रीम कोर्ट?

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर अनुमति को लेकर विवाद सामने आया। जंतर-मंतर राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यहां धरना देने के लिए प्रशासनिक नियमों और अनुमति का पालन करना होता है। इसी मुद्दे पर सुनवाई के दौरान प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। मामले में वैकल्पिक धरनास्थल की संभावना भी रामलीला मैदान में धरने का आया सुझाव सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुझाव दिया कि यदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो CJP को रामलीला मैदान में धरना देने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। इस सुझाव के बाद मामले में वैकल्पिक स्थान को लेकर चर्चा आगे बढ़ी। हालांकि, रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मिलने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

CJP Protest: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर संसद के नजदीक है और आसपास सांसदों के सरकारी आवास भी हैं। सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि CJP को पहले एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 17 दिनों तक वहां बैठे रहे। सरकार ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिशों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका का भी उल्लेख किया।

प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह पर विचार

सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने इस मामले में सरकार से बातचीत करने और निर्णय लेने की बात कही। रामलीला मैदान का सुझाव इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण हो गया है। यदि सरकार किसी वैकल्पिक स्थल पर सहमत होती है, तो प्रदर्शन के आयोजन के लिए नई जगह का विकल्प सामने आ सकता है। फिलहाल इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।

CJP Protest: सुरक्षित धरनास्थल पर सुप्रीम कोर्ट का जोर

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन के लिए ऐसे स्थान की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां सुरक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों। इनमें आपातकालीन चिकित्सा सहायता और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इस मामले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अब सरकार के रुख और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। रामलीला मैदान में धरने की अनुमति को लेकर अंतिम निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

ये भी पढ़ें…यूपी चुनाव से पहले अखिलेश का गठबंधन पर रुख साफ, INDIA गठबंधन के साथ लड़ेंगे चुनाव