Religious Identity Dispute: दिल्ली में मुस्लिम पहचान को लेकर उठे विवाद के बीच गुलशेर नाम के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उन्हें मुसलमान न मानकर निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोग उनकी टोपी और बालों को देखकर उन्हें हिंदू बता रहे हैं। गुलशेर ने इस मामले में अपनी पहचान की जांच कराने तक की चुनौती दी है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर भी निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों का समर्थन किया। इस पूरे मामले को लेकर खबर इंडिया के एक मीडिया वीडियो में गुलशेर ने अपना पक्ष रखा और उनके साथ हुई घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
टोपी और बालों को लेकर शुरू हुआ विवाद
गुलशेर के मुताबिक, श्याम मीरा नाम के एक व्यक्ति ने उनकी तस्वीर दिखाकर उन्हें हिंदू बताया था। आरोप है कि वीडियो में उनके बालों को चोटी बताते हुए उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए गए। गुलशेर का कहना है कि टोपी के नीचे से उनके कुछ बाल बाहर निकले हुए थे, जिसकी वजह से उन्हें हिंदू बताया जाने लगा।उन्होंने कहा कि उनकी पहचान को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। गुलशेर ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को उनकी धार्मिक पहचान पर संदेह है, तो उनकी जांच करा ली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आरोप लगाने वालों को पहले अपनी सोच पर विचार करना चाहिए।
Religious Identity Dispute: मौलानाओं और ओवैसी को बुलाने की चुनौती
गुलशेर ने अपनी पहचान पर सवाल उठाने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि मौलाना मदनी, असदुद्दीन ओवैसी और अन्य बड़े मौलानाओं तथा इस्लामी विद्वानों को एक जगह बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी के सामने अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं।उन्होंने यहां तक कहा कि अगर जांच के बाद उन्हें मुसलमान नहीं माना जाता, तो उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया जाए। गुलशेर ने कहा कि वह खुद को सच्चा और ईमानदार मुसलमान मानते हैं और उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।एक पत्रकार के सवाल पर कि श्याम मीरा को उन्हें हिंदू समझने की वजह क्या लगी, गुलशेर ने बताया कि उनकी टोपी थोड़ी तिरछी हो गई थी और बाल बाहर निकले हुए थे। इसी आधार पर उनकी पहचान को लेकर सवाल उठाए गए।
थाने में भी पहचान पर सवाल उठाने का आरोप
गुलशेर ने दावा किया कि एक दिन पहले उन्हें पकड़कर थाने ले जाया गया था। उनके मुताबिक, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कुछ नेता भी वहां मौजूद थे और उन्होंने उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए।गुलशेर ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारी से भी पूछा था कि क्या अपनी पहचान साबित करने के लिए उन्हें सबके सामने अपने निजी अंग दिखाने पड़ेंगे। उन्होंने इस तरह के सवालों को अपमानजनक बताते हुए कहा कि उनकी पहचान को लेकर इस तरह की जांच की मांग करना गलत है।उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या किसी अन्य विशेषज्ञ से जांच कराई जा सकती है। हालांकि, उन्होंने अपनी पहचान पर सवाल उठाने वालों के आरोपों को गलत बताया।
Religious Identity Dispute: भीड़ से घिरने और हमले की कोशिश का दावा
गुलशेर ने आरोप लगाया कि थाने से बाहर निकलने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें घेर लिया था। उनके अनुसार, वहां करीब 200 से 500 लोग मौजूद थे और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए काफी दूर तक भागना पड़ा।उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनकी मदद की और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। गुलशेर ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद के कारण वह सुरक्षित बच सके।उन्होंने यह भी दावा किया कि ओखला में खड़े होने के दौरान करीब 400 से 500 लोगों ने उन्हें घेर लिया था। उस समय उन्होंने पुलिस को फोन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से निकालने में सहायता की।गुलशेर का आरोप है कि अलग-अलग जगहों पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ बदतमीजी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक घटना में उनकी टोपी खींचे जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
कहा- मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं, देश के हित की बात करता हूं
अपनी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए जाने के जवाब में गुलशेर ने कहा कि वह किसी हिंदू, मुसलमान, सिख या ईसाई के खिलाफ नहीं हैं। उनके मुताबिक, वह देश के हित, गरीबों, मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों के मुद्दों को उठाते हैं।उन्होंने कहा कि दिल्ली में छोटे व्यापारियों, गरीबों और मजदूरों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि वह इन वर्गों की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।गुलशेर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना नहीं है, बल्कि देश के विकास और लोगों के अधिकारों की बात करना है।
Religious Identity Dispute: मोदी और योगी के समर्थन में कही ये बात
गुलशेर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इन दोनों नेताओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकारों के कार्यकाल में विकास हुआ है और गुंडागर्दी तथा माफिया गतिविधियों पर कार्रवाई की गई है।उन्होंने कहा कि आज महिलाएं और व्यापारी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। गुलशेर ने सवाल उठाया कि यदि कुछ लोगों को मोदी और योगी से परेशानी है, तो इसकी वजह क्या है, जबकि लोग हिंदुओं के साथ रहते हैं, खाते-पीते हैं और मिलकर कारोबार भी करते हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग मुसलमानों के बीच इन नेताओं के खिलाफ नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक, वह इस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करते।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर लगाए आरोप
गुलशेर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर आर्थिक मदद और विदेश जाने के लिए फ्लाइट जैसी सुविधाएं देने की पेशकश की थी। उनके दावे के मुताबिक, इसके बदले उनसे मोदी और योगी का समर्थन छोड़ने के लिए कहा गया था।गुलशेर ने इस कथित पेशकश को ठुकराने की बात कही और सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति देश के विकास की बात करता है, तो उसे इस तरह निशाना क्यों बनाया जाना चाहिए।उन्होंने पिछली सरकारों पर भी आरोप लगाए और कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद देश के विकास तथा लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, उनके इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Religious Identity Dispute: शिक्षा को लेकर भी किया दावा
गुलशेर ने मुस्लिम समुदाय में शिक्षा के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि 2014 से पहले मुसलमानों में शिक्षा के प्रति जागरूकता कम थी। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद समुदाय में शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समुदाय के लोगों को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय शिक्षा, विकास और अपने भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।
धार्मिक सद्भाव और भाईचारे का दिया संदेश
गुलशेर ने अपने पक्ष में कहा कि इस्लाम की शिक्षाएं किसी से नफरत करना नहीं सिखातीं। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई सभी को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उनके मुताबिक, धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है और राजनीतिक दलों को इस तरह की राजनीति बंद करनी चाहिए।उन्होंने भगवान राम और अल्लाह का जिक्र करते हुए कहा कि सभी लोग एक ही देश के नागरिक हैं और उन्हें आपस में लड़ने के बजाय एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।
Religious Identity Dispute: हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
गुलशेर ने कहा कि जो लोग देश में नफरत और हिंसा फैलाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वह अपनी पहचान को लेकर उठाए गए सवालों से डरते नहीं हैं और सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।उन्होंने एक बार फिर श्याम मीरा को सामने आकर सवाल पूछने की चुनौती दी। गुलशेर का कहना है कि उनकी धार्मिक पहचान को लेकर विवाद खड़ा करने के बजाय देश के विकास, गरीबों की समस्याओं और आपसी भाईचारे जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।खबर इंडिया के वीडियो में गुलशेर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए अपनी पहचान, राजनीतिक विचारों और अपने साथ हुई घटनाओं पर पक्ष रखा। इस पूरे मामले में उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।









