UP News : प्रयागराज में स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में कई ऐसे महापुरुषों ने योगदान दिया, जिन्हें इतिहास में वह पहचान नहीं मिल पाई जिसके वे हकदार थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। सीएम योगी ने कहा कि देश की आजादी के लिए सिर्फ पंडित जवाहरलाल नेहरू ही जेल नहीं गए थे, बल्कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने उनके संघर्ष और देश के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों के बलिदान को भी सम्मान मिलना चाहिए।
राहुल गांधी को सीएम योगी का संदेश, आजादी की लड़ाई में कई नायकों का योगदान
प्रयागराज के तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास किसी एक परिवार या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने संघर्ष किया और जेल की सजा काटी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को यह बात समझनी चाहिए कि महाशय मसुरियादीन पासी ने भी देश की स्वतंत्रता के लिए लंबा समय जेल में बिताया था। उन्होंने करीब नौ साल जेल में रहते हुए आजादी की अलख जगाने का काम किया। योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी महापुरुषों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
UP News : कौन थे महाशय मसुरियादीन पासी?
महाशय मसुरियादीन पासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व सांसद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, उन्होंने 1932 से 1944 के बीच करीब नौ साल जेल में बिताए। रिहाई के बाद भी वह जन-जागरण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे।
महाशय मसुरियादीन पासी का राजनीतिक जीवन भी महत्वपूर्ण रहा। सीएम योगी ने बताया कि वह 1952 और 1957 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ फूलपुर से सांसद चुने गए थे। उन्होंने वंचित और दलित समाज के अधिकारों तथा शिक्षा के महत्व को आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाई।
अंग्रेजों के दमनकारी कानून के खिलाफ भी उठाई आवाज
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश शासन के दौरान लागू किए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट, 1871 यानी जरायम पेशा कानून का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि इस कानून के कारण कई समुदायों को अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों ने वंचित समुदायों को सम्मान और समानता के साथ आगे बढ़ने की दिशा दी। सीएम ने मसुरियादीन पासी के योगदान को सामाजिक न्याय और जन-जागरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया।
UP News :महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर होगा चौराहे का नामकरण
सीएम योगी ने महापुरुषों की स्मृतियों को सहेजने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने प्रयागराज के महापौर से उस चौराहे का नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव मांगा, जहां उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के किसी एक संस्थान का नाम भी महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने की बात कही। उनका कहना था कि महापुरुषों के सम्मान से समाज को अपनी विरासत समझने और आने वाली पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है।
इतिहास के उपेक्षित नायकों को सम्मान देने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले कई नायकों को लंबे समय तक वह पहचान नहीं मिली, जिसके वे हकदार थे। उनकी प्रतिमा का अनावरण इसी विरासत को सामने लाने की दिशा में एक पहल है।
सीएम योगी का संदेश स्पष्ट था कि देश की आजादी का इतिहास व्यापक है। इसमें हर उस स्वतंत्रता सेनानी का योगदान महत्वपूर्ण है, जिसने राष्ट्र के लिए संघर्ष किया। महाशय मसुरियादीन पासी की स्मृतियों को संरक्षित करने और उनके नाम पर सार्वजनिक स्थलों को पहचान देने की पहल से उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।








