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7 जून का पंचांग: अधिक भानू सप्तमी पर दुर्लभ द्विपुष्कर-रवि योग, लेकिन पंचक और भद्रा से रहें सावधान

7 जून का पंचांग

Adhik Bhanu Saptami: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। रविवार, 7 जून 2026 को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पड़ रही है। इस दिन अधिक भानु सप्तमी का पावन संयोग बन रहा है। खास बात यह है कि सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण द्विपुष्कर योग और रवि योग जैसे दुर्लभ एवं शुभ योग भी एक साथ बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

Adhik Bhanu Saptami: 7 जून का पंचांग
7 जून का पंचांग

अधिक भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व

रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है और इस बार इसी दिन भानु सप्तमी भी पड़ रही है। वर्तमान में पुरुषोत्तम मास चल रहा है, जिसे भगवान विष्णु का प्रिय मास माना जाता है। पुरुषोत्तम मास में आने वाली सप्तमी तिथि को अधिक भानु सप्तमी कहा जाता है। इस दिन सूर्य भगवान की पूजा-अर्चना और विशेष आराधना का विधान बताया गया है।7 जून को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 17 मिनट पर होगा।

Adhik Bhanu Saptami: तिथि, नक्षत्र और योग का विवरण

पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि पूरे दिन रहेगी और 8 जून की सुबह 3 बजकर 24 मिनट तक जारी रहेगी।

  • धनिष्ठा नक्षत्र सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।
  • इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
  • वैधृति योग सुबह 10 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।
  • विष्टि करण दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा।

द्विपुष्कर और रवि योग का दुर्लभ संयोग

रविवार को सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक द्विपुष्कर योग और रवि योग दोनों एक साथ प्रभावी रहेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार द्विपुष्कर योग में किए गए शुभ और पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। वहीं रवि योग सूर्य देव की विशेष कृपा प्रदान करने वाला माना जाता है। इस अवधि में स्नान, दान, जप, ध्यान, पूजा-पाठ और मंदिर दर्शन करना अत्यंत शुभ माना गया है।

अधिक भानु सप्तमी होने के कारण इस दिन सूर्य देव की आराधना का विशेष महत्व रहेगा।

दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त

रविवार को कई महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त भी रहेंगे, जिनमें धार्मिक और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:02 बजे से 4:42 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 बजे से 12:48 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:39 बजे से 3:35 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:16 बजे से 7:36 बजे तक

अशुभ समय और सावधानियां

रविवार को कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।पंचांग के अनुसार पूरे दिन पंचक रहेगा। इसलिए नए कार्यों की शुरुआत, महत्वपूर्ण शुभ कार्य या यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।इसके अलावा भद्रा भी सुबह 5 बजकर 23 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में नए और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

राहुकाल, यमगंड और अन्य अशुभ काल

  • राहुकाल: शाम 5:33 बजे से 7:17 बजे तक
  • यमगंड काल: दोपहर 12:20 बजे से 2:04 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 3:49 बजे से 5:33 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: शाम 5:26 बजे से 6:22 बजे तक

इन समयों में महत्वपूर्ण कार्यों, शुभ शुरुआत और मांगलिक आयोजनों से बचना बेहतर माना जाता है।

सूर्य उपासना के लिए विशेष दिन

7 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिक भानु सप्तमी, द्विपुष्कर योग और रवि योग का संयुक्त प्रभाव इसे विशेष रूप से पुण्यदायी बना रहा है। इस दिन सूर्य देव की पूजा, दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक साधना करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।