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Ajit Pawar: अजित पवार प्लेन क्रैश: हादसा या साजिश? जीरो FIR में बड़े खुलासे का दावा

Ajit Pawar:
Pune: Rescue work underway after an aircraft carrying Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar crashed during landing at Baramati in Pune district of Maharashtra on Wednesday, January 28, 2026. Reportedly, Ajit Pawar and four other people on the aircraft were killed. (Photo: IANS)

Ajit Pawar: महाराष्ट्र के बारामती के पास 28 जनवरी 2026 को हुए प्लेन क्रैश को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। बेंगलुरु में दर्ज एक जीरो एफआईआर में इसे महज हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश बताया गया है। इस घटना में उस समय के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

जीरो एफआईआर में साजिश का आरोप

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह क्रैश अजित पवार को निशाना बनाने की साजिश थी। हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज न होने के बाद उन्हें बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज करानी पड़ी।

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Ajit Pawar: तकनीकी खामियों और नियमों के उल्लंघन का दावा

एफआईआर में विमान की तकनीकी स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया कि बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 विमान सुरक्षा मानकों के करीब अपनी सीमा पर उड़ रहा था और उसके मेंटेनेंस रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग की अनुमति दिए जाने और DGCA के नियमों के उल्लंघन की बात भी सामने आई है।

पायलट और क्रू पर भी उठे सवाल

शिकायत में चीफ पायलट सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड और व्यवहार पर भी सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया है कि उनके खिलाफ पहले भी शराब पीकर उड़ान नियमों के उल्लंघन के मामले रहे हैं। साथ ही, अंतिम समय में क्रू बदलने और फ्लाइट में देरी जैसे पहलुओं को भी संदिग्ध बताया गया है।

Ajit Pawar: जांच की मांग और कई पहलुओं पर संदेह

एफआईआर में यह भी आरोप है कि अजित पवार के यात्रा कार्यक्रम में आखिरी समय में बदलाव किया गया और लैंडिंग के दौरान कई ऑपरेशनल गड़बड़ियां हुईं। शिकायतकर्ता ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की तकनीकी जांच के साथ-साथ स्वतंत्र आपराधिक जांच की मांग की है। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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