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वैश्विक बाजार में पहुंचेगा कश्मीर ब्रांड, कारोबार आसान बनाने पर CM उमर का जोर

 Kashmir Brand Global Market:

Kashmir Brand Global Market: जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प, हथकरघा और कृषि-खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सरकार दीर्घकालिक कारोबारी साझेदारियां विकसित करने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि निर्यात और निवेश बढ़ाने के प्रयास तभी सफल होंगे, जब जम्मू-कश्मीर में कारोबार करना आसान हो।

Kashmir Brand Global Market: कारोबार आसान बनाने पर सरकार का जोर-

शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय-कश्मीर (SKUAST-K) में जम्मू-कश्मीर ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (JKTP0) और ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनावश्यक मंजूरियों, देरी और निरीक्षणों को कम करने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कानून को आगे बढ़ाया है। इसके तहत कारोबारी आवेदनों के निपटारे के लिए निर्धारित समयसीमा तय की गई है। जहां लागू होगा, समय पर कार्रवाई न होने पर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान भी रहेगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षणों की संख्या कम की गई है, ताकि उद्योग, शिक्षण संस्थान और अन्य उद्यम स्थापित करने वालों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से हतोत्साहित न होना पड़े। छोटे और सामान्य उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का उद्देश्य अदालतों पर बोझ कम करना भी है।

Kashmir Brand Global Market: ‘कश्मीर’ के नाम पर बिके तो लाभ स्थानीय कारीगरों को मिले-

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक उत्पादों की पहचान और प्रामाणिकता की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने जीआई संरक्षण को मजबूत करने की जरूरत बताई और कहा कि कश्मीर के नाम से बिकने वाला उत्पाद यहां के लोगों के कौशल और कारीगरी को प्रतिबिंबित करना चाहिए। उन्होंने पश्मीना, कढ़ाई, शॉल, कालीन, नमदा, अखरोट, ऊन और पेपरमाशे जैसे उत्पादों के निरंतर प्रचार और संरक्षण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर के कारीगर साधारण धागे को भी उत्कृष्ट कढ़ाई में बदलने का हुनर रखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सराहना करते हुए उन्होंने खरीदारों से इनके साथ भी दीर्घकालिक कारोबारी संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।

12 से अधिक देशों के खरीदार और प्रतिनिधि पहुंचे-

दो दिवसीय सम्मेलन में 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, 15 से अधिक राष्ट्रीय खरीदार और 80 से अधिक प्रदर्शक-विक्रेता हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन में 12 से अधिक देशों की भागीदारी है और हस्तशिल्प, हथकरघा तथा कृषि-खाद्य क्षेत्र के 200 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। खरीदार उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हैं।

स्थायी कारोबारी रिश्ते बनाने पर जोर-

मुख्यमंत्री ने कहा कि बायर-सेलर मीट को केवल एक बार होने वाले आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय उत्पादकों और खरीदारों के बीच स्थायी कारोबारी रिश्ते विकसित करने पर जोर दिया। उमर अब्दुल्ला ने खरीदारों से स्थानीय उत्पादों को अपने बाजारों तक ले जाने और उत्पादकों के साथ निरंतर साझेदारी बनाने का आह्वान किया।

प्रतिनिधियों को कश्मीर घूमने का दिया निमंत्रण-

मुख्यमंत्री ने बाहर से आए प्रतिनिधियों को कश्मीर घूमने का निमंत्रण भी दिया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद उद्यमियों से बातचीत की।

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