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अखिलेश यादव को भाया ‘मेरठ का कोट’ बोले- ‘भैया हमारे लिए भी सिलवा दो’

मेरठ-का-कोट

Akhilesh Yadav: दिल्ली में मंगलवार को एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक कार्यकर्ता के कोट की तारीफ करते हुए खुद के लिए भी वैसा ही सिलवाने की इच्छा जताई। यह कार्यकर्ता कोई और नहीं बल्कि मेरठ के सपा जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक थे जिनका ब्लैक कोट अखिलेश यादव को इतना पसंद आया कि उन्होंने हंसते हुए कहा भैया हमें भी ऐसा सिलवा दो कहां से सिलवाते हो? सम्राट मलिक ने बताया कि उन्होंने यह कोट मेरठ के प्रसिद्ध विद्यार्थी खादी भंडार से सिलवाया था। अखिलेश यादव को यह जानकर हैरानी हुई कि यह कोट मेरठ की स्थानीय दुकान से बना है। जाते-जाते उन्होंने मुस्कराते हुए दोबारा कहा वह कोट लेकर आना हमारे लिए भी बनवा दो। इस छोटे से संवाद ने न केवल अखिलेश की सादगी दिखा दी बल्कि कार्यकर्ताओं के प्रति उनके आत्मीय संबंधों की झलक भी पेश की।

पिता भी वहीं से लेते हैं कपड़े

सम्राट मलिक ने बताया कि विद्यार्थी खादी भंडार से उनका जुड़ाव पुराना है। उनके पिता वकील हैं और वर्षों से वहां से ही कपड़े सिलवाते हैं। सम्राट ने कहा मैंने छात्र राजनीति के समय से वहीं से कुर्ते और जैकेट बनवाने शुरू किए थे। अब कोट भी वहीं से लेता हूं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह जल्द ही अखिलेश यादव के लिए भी वैसा ही कोट तैयार करवाकर उपहार स्वरूप देंगे।

Akhilesh Yadav: राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

अखिलेश यादव की इस तारीफ के बाद मेरठ की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, सम्राट मलिक सिवालखास विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। कुछ समय पहले अखिलेश यादव उनके घर भी पहुंचे थे, जिससे यह माना जा रहा है कि पार्टी में उनके प्रभाव बढ़ रहे हैं। अब नेता जी द्वारा उनके कोट की तारीफ को भी समर्थक संकेत की तरह देख रहे हैं।

छात्र राजनीति से जिला पंचायत तक

सम्राट मलिक का राजनीति में सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 2014 में उन्होंने डीएन डिग्री कॉलेज से छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीता था। सिर्फ 25 साल की उम्र में वे मेरठ के सबसे कम उम्र के जिला पंचायत सदस्य बने। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उनका जन्म 10 जुलाई 1996 को हुआ था।

Akhilesh Yadav: विवादों में भी रहा नाम

हालांकि सम्राट मलिक का राजनीतिक जीवन विवादों से भी अछूता नहीं रहा। विरोधी दलों के कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन से लेकर पुलिस हिरासत तक उनके खिलाफ करीब 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कई बार उन्हें नजरबंद किया गया और 15 बार से अधिक गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद वह सपा कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय हैं और अपनी साफगोई व सक्रियता के लिए जाने जाते हैं।

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