Ali Khamenei: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख आखिरकार घोषित कर दी गई है। फरवरी में हुई उनकी मौत के चार महीने से अधिक समय बाद उन्हें 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई से राजधानी तेहरान में शुरू होगी और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बाद 9 जुलाई को दफनाने के साथ संपन्न होगी। इस दौरान लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
फरवरी में हुई थी खामेनेई की मौत
रिपोर्टों के अनुसार अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों के दौरान हुई थी। उनकी मौत के साथ ही इस्लामिक रिपब्लिक के शीर्ष नेतृत्व में तीन दशक से अधिक समय तक चले उनके शासन का अंत हो गया था। हालांकि क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा हालात को देखते हुए उनके अंतिम संस्कार को तत्काल आयोजित नहीं किया जा सका।
Ali Khamenei: मुहर्रम के कारण बदला गया कार्यक्रम
ईरान पहले मुहर्रम महीने की शुरुआत में अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा था। लेकिन तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी ने बताया कि शिया समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मुहर्रम के पहले दस दिनों के दौरान इमाम हुसैन के शोक कार्यक्रम चलते हैं। इसी कारण अंतिम संस्कार को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया, ताकि श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में पूरी तरह भाग ले सकें। इमाम हुसैन की शहादत शिया इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में मानी जाती है।
तेहरान और कोम में होंगे श्रद्धांजलि समारोह
अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत 4 जुलाई से तेहरान में होगी, जहां तीन दिनों तक श्रद्धांजलि सभाएं और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इन कार्यक्रमों में लाखों लोग शामिल हो सकते हैं, जिससे यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक बन सकता है।
Ali Khamenei: देरी के पीछे सुरक्षा और राजनीतिक कारण
अली खामेनेई को दफनाने का कार्यक्रम मूल रूप से मार्च में प्रस्तावित था, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों, सुरक्षा चिंताओं और राजनीतिक संक्रमण की वजह से इसे टाल दिया गया। इसके अलावा उनके अवशेषों की स्थिति तथा सत्ता हस्तांतरण को लेकर भी लंबे समय तक चर्चा चलती रही। अब 132 दिन बाद 9 जुलाई को मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिससे इस लंबे इंतजार का अंत हो जाएगा।
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