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अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर: दोनों देशों के बीच बढ़ा बड़े युद्ध का खतरा

खामेनेई का अंतिम संस्कार, युद्ध का खतरा

Ali Khamenei Funeral: ईरान ने शुक्रवार, 10 जुलाई को अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया। अमेरिका और इजरायल के साथ 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के पहले ही दिन हवाई हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनकी मौत के चार महीने से ज्यादा समय बाद छह दिन तक चले अंतिम संस्कार कार्यक्रम के बाद उन्हें दफनाया गया। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन भी हमले हुए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर खत्म करने का ऐलान कर दिया है, जिससे एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

पूरे सम्मान के साथ दफनाए गए

अली खामेनेई के ताबूत को ईरान के राष्ट्रीय झंडे में लपेटा गया था। उनके पार्थिव शरीर को पूर्वी ईरान के उनके गृह नगर मशहद स्थित इमाम रजा की दरगाह में ले जाया गया, जहां उन्हें दफनाया गया। दरगाह के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और अंतिम प्रार्थना में शामिल हुए। हालांकि उनके बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मुजतबा खोमेनेई इस दौरान सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए।ईरान के सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी के अनुसार, “इस्लामी क्रांति के शहीद नेता” अली खामेनेई के शव को इमाम रजा दरगाह के स्मारक हॉल में दफनाया गया।

Ali Khamenei Funeral: ट्रंप के खिलाफ लगे नारे

मशहद में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं काले कपड़े पहनकर पहुंचे। वहां मौजूद कई लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगा रहे थे और बदला लेने की मांग कर रहे थे। समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकारों के अनुसार, वहां अंग्रेजी में लिखा एक पोस्टर भी दिखाई दिया, जिस पर लिखा था, “हे ट्रंप, हम तुम्हें मार देंगे।”बता दें कि 28 फरवरी को हुए हमले में अली खामेनेई के साथ उनके परिवार के कई करीबी सदस्य भी मारे गए थे।

अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमले

अली खामेनेई का अंतिम संस्कार ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी जवाबी हमले जारी रहे। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में 17 लोगों की मौत हुई है।सरकारी मीडिया ने बताया कि एक हमले में तेहरान और मशहद के बीच की रेलवे लाइन को भी निशाना बनाया गया। वहीं ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत, बहरीन और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं।उधर अमेरिका के सहयोगी देश जॉर्डन में भी खतरे के सायरन बजाए गए। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।

परमाणु संयंत्र और रेलवे लाइन पर हमले का दावा

ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के एकमात्र नागरिक परमाणु बिजलीघर के आसपास के इलाके पर हमला किया। यह जानकारी बुशेहर प्रांत के उप-राज्यपाल के हवाले से दी गई। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बुशेहर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य मुख्यालय पर भी मिसाइल हमला हुआ।हालांकि एएफपी के अनुसार, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा कि इस समय अमेरिकी सेना ईरान पर कोई हमला नहीं कर रही है।

ड्रोन और मिसाइलों से हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने तेहरान-मशहद रेलवे लाइन के उस हिस्से पर हमला किया जो मशहद से करीब 55 किलोमीटर दूर है। इसके बाद रेलवे लाइन को बंद करना पड़ा और यात्रियों को बसों के जरिए भेजा गया।ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने अपने जवाबी हमलों में कुवैत में मौजूद पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर में शुरुआती चेतावनी देने वाले सिस्टम और बहरीन में ईंधन के टैंकों को ड्रोन से निशाना बनाया। ये सभी हमले क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाकर किए गए।दूसरी ओर, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान की ओर से दागी गई दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन को या तो रास्ते में ही मार गिराया गया या उनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अधिकारी के मुताबिक, किसी भी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की जानकारी नहीं है।

सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार

क्षेत्र में बढ़ते तनाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे विमान के साथ कम से कम एक लड़ाकू विमान भी उड़ रहा था। यह दृश्य सुप्रीम लीडर की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी वीडियो में भी देखा गया।

ट्रंप की हत्या की नई साजिश का दावा

अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को गुप्त सूत्रों के हवाले से दावा किया कि इजरायल ने अमेरिका को जानकारी दी है कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की एक नई ईरानी साजिश का पता लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ट्रंप को निशाना बनाने के लिए नई योजना पर काम कर रहा है।यदि यह दावा सही साबित होता है, तो अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहा तनाव और अधिक बढ़ सकता है।गौरतलब है कि ईरान पहले ही सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेगा। अब अली खामेनेई की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।