America News: अमेरिका की न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अदालतों की मर्यादा, न्यायपालिका की पारदर्शिता और सत्ता के दुरुपयोग को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। एक फेडरल जज पर आरोप लगा है कि वह अपने सरकारी चैंबर में ड्यूटी के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ शारीरिक संबंध बनाते थे। मामला तब उजागर हुआ जब कोर्ट स्टाफ और लॉ क्लर्क्स ने लगातार हो रही गतिविधियों पर आपत्ति जताई और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची।
दो साल से चल रहे थे संबंध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जज और पुलिस अधिकारी के बीच कथित संबंध करीब दो साल से चल रहे थे। आरोप है कि दोनों कई बार कोर्ट परिसर के अंदर ही जज के निजी चैंबर में घंटों बंद रहते थे। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने कई बार संदिग्ध गतिविधियां और आपत्तिजनक आवाजें सुनने का दावा किया। धीरे-धीरे यह मामला पूरे कोर्ट स्टाफ के बीच चर्चा का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि कोर्ट में काम करने वाले कई कर्मचारियों और लॉ क्लर्क्स ने इस व्यवहार को लेकर असहजता जताई थी। कुछ कर्मचारियों का कहना था कि सरकारी दफ्तर और अदालत जैसी संवेदनशील जगह का इस तरह इस्तेमाल किया जाना बेहद गंभीर मामला है। एक लॉ क्लर्क ने आखिरकार हिम्मत जुटाकर चीफ जज को लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जज अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं और इससे कोर्ट का माहौल प्रभावित हो रहा है।
America News: जांच में क्या पता चला?
शिकायत मिलने के बाद एक विशेष जांच समिति बनाई गई। जांच के दौरान कोर्ट परिसर के सिक्योरिटी लॉग, एंट्री रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान खंगाले गए। रिपोर्ट में कथित तौर पर पाया गया कि महिला पुलिस अधिकारी कई बार देर रात तक जज के चैंबर में मौजूद रहती थीं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में जज ने इन आरोपों को “झूठा” और “बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला” बताया। हालांकि बाद में सबूत सामने आने के बाद उन्होंने दोनों के बीच संबंध होने की बात स्वीकार कर ली।
इस पूरे मामले ने अमेरिकी न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप इतने गंभीर होने के बावजूद जज की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। इतना ही नहीं, उन्हें पद से हटाने के बजाय सिर्फ निजी फटकार देकर छोड़ दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, जांच समिति ने जज को भविष्य में किसी प्रशासनिक पद या चीफ जज की भूमिका से दूर रखने की सिफारिश की है। साथ ही उन्हें पूर्व कर्मचारियों और क्लर्क्स से माफी मांगने को भी कहा गया है। फिलहाल मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इस घटना ने न्यायपालिका की छवि को जरूर झटका दिया है।
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