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अयोध्या पहुंचे अरविंद केजरीवाल, राम मंदिर चढ़ावा मामले को बताया “महापाप”

राम मंदिर चढ़ावा मामला: केजरीवाल का बयान

Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।केजरीवाल ने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की कथित चोरी एक “महापाप” है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

दोषियों को सजा देने की प्रार्थना

राम जन्मभूमि परिसर में दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि जिन लोगों ने ऐसा पाप किया है, उन्हें भगवान कठोर से कठोर दंड दें।उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर आने वाले भक्तों की आस्था से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी बेहद गंभीर मामला है और इसमें शामिल सभी लोगों की जांच होनी चाहिए।

Arvind Kejriwal:  राम मंदिर चढ़ावा मामला, केजरीवाल का बयान
राम मंदिर चढ़ावा मामला: केजरीवाल का बयान

Arvind Kejriwal: एफआईआर को बताया दिखावा

केजरीवाल ने मामले में दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल दिखावा और छलावा लगती है।उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में आठ छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन यदि लंबे समय से कोई गड़बड़ी चल रही थी तो इसे केवल छोटे कर्मचारी अकेले नहीं कर सकते थे। उनके अनुसार, इस मामले के तार बड़े स्तर तक जुड़े हो सकते हैं।केजरीवाल ने कहा कि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और छोटे कर्मचारियों पर पूरी जिम्मेदारी डालने का प्रयास किया जा रहा है।

रामलला के दर्शन के बाद केजरीवाल हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और संत-महात्माओं से आशीर्वाद लिया।उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

राजनीतिक चर्चा के बीच हुआ दौरा

केजरीवाल का अयोध्या दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।विश्लेषकों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दल निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिश के बाद गुरुवार देर रात आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।जांच एजेंसियां अब आरोपियों की भूमिका, बरामद की गई नकदी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

आप ने की निष्पक्ष जांच की मांग

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और व्यापक स्तर पर की जाए।पार्टी का कहना है कि अगर जांच के दौरान किसी बड़े पदाधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी उसी तरह कार्रवाई होनी चाहिए, जैसे अन्य आरोपियों के खिलाफ की जा रही है।

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