ASSAM UCC BILL: असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी संवैधानिक विरासत छोड़ दी है और अब “सांप्रदायिक ताकतों” के सामने समर्पण कर चुकी है।
“UCC भाजपा या RSS का विचार नहीं”
सरमा ने कहा कि समान नागरिक संहिता का विचार केवल भाजपा या RSS से जुड़ा नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा, “यूसीसी की दिशा में प्रयास भाजपा या आरएसएस से शुरू नहीं हुए थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी समान नागरिक संहिता का सपना देखा था।”
ASSAM UCC BILL: “आज की कांग्रेस में धर्मनिरपेक्षता पर बोलने का साहस नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की कांग्रेस, राजेंद्र प्रसाद और सरदार वल्लभभाई पटेल की कांग्रेस नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि UCC का विरोध करते समय कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों की जगह धार्मिक मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। सरमा ने कहा, “कांग्रेस की जिम्मेदारी संविधान का प्रतिनिधित्व करने की थी, लेकिन आज पार्टी सिर्फ शरीयत और कुरान की बात कर रही है।”
संविधान में UCC की परिकल्पना का दावा
हिमंत सरमा ने कहा कि भारतीय संविधान में भी समान नागरिक संहिता लागू करने की स्पष्ट परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं की सोच थी कि देश धीरे-धीरे समान नागरिक ढांचे की ओर बढ़े।
ASSAM UCC BILL: विपक्ष लगातार कर रहा विरोध
भाजपा सरकार का कहना है कि प्रस्तावित UCC सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक परंपराओं में हस्तक्षेप कर सकता है।
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