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अयोध्या राम मंदिर में रंगमहल बैरियर से VIP एंट्री होगी बंद, रामानुजाचार्य द्वार से मिलेगा प्रवेश

Ayodhya Ram Mandir:

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में दर्शन करने आने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मंदिर में क्रॉसिंग-दो यानी रंगमहल बैरियर से होकर जाने वाले प्रवेश मार्ग को बंद करने की तैयारी की गई है। इसके बाद वीआईपी श्रद्धालुओं को मंदिर के उत्तर दिशा में बने ‘जगद्गुरु रामानुजाचार्य द्वार’ से प्रवेश दिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य मंदिर परिसर में प्रवेश व्यवस्था को व्यवस्थित करना है।

Ayodhya Ram Mandir: 2 दिसंबर की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर-

जानकारी के मुताबिक, 2 दिसंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद क्रॉसिंग-दो को बंद करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी। योजना के तहत रंगमहल बैरियर वाले मार्ग पर दीवार खड़ी की जाएगी। हालांकि, आवश्यक सामान की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दीवार में एक छोटा गेट भी बनाया जाएगा। इससे पास स्थित यज्ञशाला में अनुष्ठान और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए जरूरी सामग्री पहुंचाने में परेशानी नहीं होगी।

Ayodhya Ram Mandir: आसपास के प्राचीन मंदिरों को मिलेगी राहत-

राम मंदिर के पास स्थित प्राचीन रंगमहल, जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और राम कचेहरी के महंतों ने इस फैसले पर राहत जताई है। पहले इन मंदिरों के प्रबंधन को आशंका थी कि राम मंदिर की विस्तार योजना के चलते उनके परिसर और अस्तित्व पर असर पड़ सकता है। अब वीआईपी प्रवेश मार्ग को बंद करने की तैयारी के बीच इन प्राचीन मंदिरों के महंतों की नजर इस बात पर भी है कि नई व्यवस्था से सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मंदिरों के आसपास आने-जाने वाले लोगों के लिए व्यवस्था किस तरह संचालित होगी, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

रामानुजाचार्य द्वार से शुरू होगी वीआईपी आवाजाही-

राम मंदिर के उत्तर दिशा में बना जगद्गुरु रामानुजाचार्य द्वार काफी समय पहले तैयार हो चुका था, लेकिन इसका नियमित इस्तेमाल अब तक शुरू नहीं हुआ था। इससे पहले श्रीराम यंत्र स्थापना के दौरान इस द्वार का उपयोग किया गया था। उस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी, जिन्हें अम्माजी के नाम से भी जाना जाता है, शामिल हुई थीं। अब इस भव्य द्वार को वीआईपी श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए सक्रिय करने की तैयारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राम मंदिर में वीआईपी प्रवेश का रास्ता बदल जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला 2 दिसंबर को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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