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बगलामुखी अष्टमी 2026: विजय और साधना का पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

बगलामुखी अष्टमी 2026 का पावन महत्व

Baglamukhi Ashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार बैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को विजय की देवी माता बगलामुखी को समर्पित माना जाता है। इसी दिन बगलामुखी जन्मोत्सव का पर्व भी मनाया जाता है। इस साल यह अष्टमी तिथि 24 अप्रैल (शुक्रवार) को पड़ रही है।

अष्टमी तिथि और तिथि परिवर्तन का समय

अष्टमी तिथि शाम 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन अष्टमी तिथि का ही महत्व रहेगा। दस महाविद्याओं में आठवीं देवी मानी जाने वाली माता बगलामुखी को पीताम्बरा और ब्रह्मास्त्र के नाम से भी जाना जाता है। ये श्री कुल से संबंधित हैं। इनकी पूजा खास तौर पर शत्रुओं पर विजय पाने, विवादों को खत्म करने और कानूनी मामलों में सफलता के लिए बहुत लाभकारी मानी जाती है।

बगलामुखी अष्टमी 2026 का पावन महत्व
बगलामुखी अष्टमी 2026 का पावन महत्व

Baglamukhi Ashtami 2026: सूर्योदय, सूर्यास्त और नक्षत्र की स्थिति

24 अप्रैल शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस दिन पुष्य नक्षत्र शाम 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। योग “शूल” पूरे दिन रहेगा और 25 अप्रैल को सुबह 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वहीं करण विष्टि सुबह 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त: पूजा और साधना के लिए उत्तम समय

इस शुभ अवसर पर कई अच्छे मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें अभिजित मुहूर्त और रवि योग का विशेष महत्व है।

  • अभिजित मुहूर्त: 11:53 AM से 12:46 PM
  • रवि योग: 8:14 PM से 25 अप्रैल सुबह 5:46 AM तक
  • अमृत काल: 2:01 PM से 3:35 PM
  • विजय मुहूर्त: 2:30 PM से 3:23 PM
  • गोधूलि मुहूर्त: 6:51 PM से 7:13 PM
  • ब्रह्म मुहूर्त: 4:19 AM से 5:03 AM

ये सभी समय पूजा और शुभ कार्यों के लिए बेहद उत्तम माने जाते हैं। भक्त इन मुहूर्तों में माता बगलामुखी की आराधना कर सकते हैं।

Baglamukhi Ashtami 2026: बगलामुखी अष्टमी 2026 का पावन महत्व
बगलामुखी अष्टमी 2026 का पावन महत्व

माता बगलामुखी पूजा विधि और महत्व

मां को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए उनकी पूजा पीले वस्त्र पहनकर, पीले फूल, हल्दी और मंत्र जाप के साथ की जाती है। मान्यता है कि देवी की साधना से शत्रु शांत होते हैं, विवाद खत्म होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

अशुभ समय: राहुकाल और अन्य दोष काल

वहीं अशुभ समय की बात करें तो 24 अप्रैल शुक्रवार को:

  • राहुकाल: 10:41 AM से 12:19 PM
  • यमगंड: 3:36 PM से 5:14 PM
  • गुलिक काल: 7:25 AM से 9:03 AM
  • दुर्मुहूर्त: 8:24 AM से 9:16 AM और 12:46 PM से 1:38 PM

Baglamukhi Ashtami 2026: भद्रा और योग प्रभाव

इस दिन भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, जो सुबह 5 बजकर 47 मिनट से 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। साथ ही आडल योग और गंड मूल योग शाम 8 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 25 अप्रैल सुबह 5 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

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