Home » नई दिल्ली » बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार पर जया प्रदा का तीखा सवाल मॉब लिंचिंग को बताया सनातन और मानवता पर हमला, बोलीं – कब तक चुप रहेगा भारत?

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार पर जया प्रदा का तीखा सवाल मॉब लिंचिंग को बताया सनातन और मानवता पर हमला, बोलीं – कब तक चुप रहेगा भारत?

Spread the love

Bangladesh Hindu Violence: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। फैक्ट्री मजदूर दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या के बाद बॉलीवुड और राजनीति जगत से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इस मामले पर दिग्गज अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा ने गहरा आक्रोश जताते हुए सवाल उठाया है कि आखिर हिंदुओं पर हो रहे इन अत्याचारों पर कब तक चुप्पी साधी जाएगी।

मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि धर्म के खिलाफ हिंसा-जया प्रदा 

जया प्रदा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और मानवता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा, “आज मेरा दिल टूट गया है। किसी इंसान को पेड़ से बांधकर जिंदा जला देना किस तरह की हैवानियत है? दीपू चंद्र दास को सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि वह हिंदू था। यह मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि धर्म के खिलाफ हिंसा है।”

Bangladesh Hindu Violence: हमले और महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप

जया प्रदा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है और हिंदू महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह सब देख रही है, लेकिन आवाज बहुत कम लोग उठा रहे हैं। “हम कब तक चुप रहेंगे?”— यह सवाल उन्होंने सीधे समाज और सरकारों से किया।

जाह्नवी कपूर ने भी जताया गुस्सा

इससे पहले अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने भी बांग्लादेश की हिंसा को “नरसंहार” करार दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अगर इस तरह की घटनाएं लोगों को गुस्सा नहीं दिलातीं, तो आने वाले समय में यही चुप्पी इंसानियत को खत्म कर देगी। उन्होंने मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया।

लगातार सामने आ रहे हैं हिंसा के मामले

दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में एक और हिंदू युवक अमृत मंडल (सम्राट) को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाले जाने की घटना सामने आई। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो हालात और भयावह हो सकते हैं

ये भी पढ़े… सीजीएसटी की 7 ठिकानों पर छापेमारी, 2 करोड़ से ज्यादा के आईटीसी इवेजन का खुलासा

 

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments